हार के बाद BJP प्रदेश अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पेशकश, शाह ने दी मेहनत करने की सलाह

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भोपाल| लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को तीन राज्यों की हार का सामना करना पड़ा है| मिशन 2019 से पहले यह एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है| मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जाने के बाद बीजेपी आलाकमान को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हार की समीक्षा के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है| इस बीच खबर है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने इस्तीफे की पेशकश की है, हालाँकि उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया है| 

मध्य प्रदेश में 15 साल भाजपा सत्ता में रही इस दौरान कई फेरबदल हुए, विधानसभा चुनाव से करीब 8 महीने पहले ही राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था| खबर है कि राकेश सिंह ने पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह को पत्र भेजकर इस्‍तीफा दे दिया। हालांकि अमित शाह ने उनका इस्‍तीफा स्‍वीकार नहीं किया और उन्‍हें कड़ी मेहनत करने के लिए कहा है। इससे पहले राकेश सिंह ने हार की जिम्‍मेदारी अपने ऊपर ली थी। वहीं मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हार के लिए जिम्‍मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्‍तीफा दे दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज ने खुद को ही जिम्मेदार बताया था| इसके बाद राकेश ने भी ट्वीट कर कहा था कि यह शिवराज जी का बड़प्पन है कि वह पार्टी की हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं, लेकिन बीजेपी में हर जिम्मेदारी सामूहिक होती है। अगर कोई कमी रही है, तो वह हम सभी की कमी है। उसे दूर करके हम लोकसभा चुनाव में पहले से अच्छा प्रदर्शन करेंगे| इस बीच खबर आई कि राकेश सिंह ने इस्तीफे की पेशकश की है| लेकिन हाईकमान ने अभी उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया है| संभावना है लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन स्तर पर जल्द ही कई फेरबदल किये जा सकते हैं| 

 सांसद नंदकुमार को बदलकर नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पहले कई नाम सामने आये थे| लेकिन राकेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था| वह अमित शाह की पसंद बताए गए थे। राकेश जबलपुर से तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। वह लोकसभा में पार्टी के सचेतक थे। राकेश सिंह अपने गढ़ में भी अधिक सीटें नहीं दिला पाए हैं| सूत्रों का कहना है कि राकेश सिंह को शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी का अहसास है। इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफे की पेशकश कर दी| इससे पहले पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार इस पद पर साल 2014 से कार्यरत थे, चुनाव से आठ माह पहले ही नंदूभैया को बदलकर राकेश सिंह को प्रदेश की कमान सौंपी गई थी|