MP Assembly : सीएम शिवराज ने कहा ‘जिएंगे तो मध्यप्रदेश के लिए, मरेंगे तो मध्यप्रदेश के लिए’

MP Assembly : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘हम जिएंगे तो मध्यप्रदेश के लिए और मरेंगे भी तो मध्यप्रदेश के लिए।’ ये बात उन्होने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधासनभा शीतकालीन सत्र के दौरान कही। सदन मे अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी शिद्दत और गंभीरता के साथ मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के काम में लगी है और इसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

‘मध्यप्रदेश के लिए जिएंगे-मरेंगे’

सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मैं अपना ये संकल्प व्यक्त करना चाहता हूं कि चाहे किसी भी स्थिति में रहें, मध्यप्रदेश की जनता हमारे रोम रोम में रमी है, हमारी हर सांस में बसी है। हम उनकी सेवा के लिए है। हम जिएंगे तो उनके लिए, मरेंगे तो उनके लिए।’ इसी के साथ मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इस आरोप का भी जवाब दिया कि बीजेपी ने उनकी सरकार गिराई है। सीएम शिवराज ने कहा कि ’11 दिसंबर, रात 2 बजे तक हमने विधानसभा चुनाव परिणाम देखे। हमारी 109 और कांग्रेस की 114 सीटें थीं। रात में मैंने निश्चय कर लिया कि सुबह इस्तीफा दूंगा, जबकि मुझे कहा गया कि इस्तीफा नहीं देना है। मैंने कहा- मेरी अंतरात्मा गवाही नहीं देती, सीटें कांग्रेस की ज्यादा है, सरकार उनको बनाने दो।’ उन्होने कहा कि कांग्रेस बार बार आरोप लगाती है कि बीजेपी ने उनकी सरकार गिराई, लेकिन हमें सरकार गिरानी होती तो हम बनने ही नहीं देते। उन्होने कहा कि सरकार हमने नहीं गिराई सरकार आपके अहंकार ने गिराई है।

अविश्वास प्रस्ताव गिरा

बता दें कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ विधानसभा में लाया गया कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है।सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने जवाब के अंत में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को झूठ का पुलिंदा बताया। उन्होने कहा कि हमने मध्यप्रदेश का रोडमैप बनाया है उसमें हमने ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ थीम रखी है। प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी के साथ गुरूवार दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनिट पर सदन में तीखी बहस के बीच अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से नामंजूर हो गया और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

वीरेंद्र शर्मा की रिपोर्ट ।