New Transfer Policy

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) की मंजूरी के बाद मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) द्वारा आज गुरुवार को नई स्थानांतरण नीति (New Transfer Policy) जारी कर दी गई है। इसके तहत 1 जुलाई से अब मध्य प्रदेश में तबादले हो सकेंगे, लेकिन इसमें कई नए गंभीर विरोधाभास सामने आए है। नई पॉलिसी के तहत जिले के अंदर स्थानांतरण के लिए प्रभारी मंत्री को अधिकृत किया गया है, जबकि जिलों में प्रभारी मंत्री अभी तक बने ही नहीं है।

Transfer: मध्य प्रदेश में नई ट्रांसफर पॉलिसी जारी, 1 जुलाई से होंगे तबादले

अभी जो प्रभारी मंत्री हैं, वह कोविड-19 के जिला प्रभारी हैं, जिन्हें केवल कोविड संबंधित समस्याओं और समाधान का प्रभार सौंपा गया है, ऐसे में अब सवाल यह है कि जब जिले में प्रभारी मंत्री ही नहीं है तो तबादलें (New Transfer Policy) कैसे होंगे। वही दूसरी स्थिति पर गौर करें तो हो सकता है कि इन्हीं को प्रभारी मंत्री का दर्जा दिया गया हो या फिर 1 जुलाई से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) द्वारा जिलों में प्रभारी मंत्री नियुक्त कर दिए जाएंगे।

नई पॉलिसी के मुताबिक (New Transfer Policy) इस बार तहसील, जिला व राज्य स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर ही किए जाएंगे। वहीं, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन और जिले के भीतर के तबादले प्रभारी मंत्री और कलेक्टर आपसी समन्वय से करेंगे।वही DSP से नीचे के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के ट्रांसफर पुलिस स्थापना बोर्ड जिले में पोस्टिंग का निर्णय लेगा। जिले के अंदर प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर पुलिस अधीक्षक पोस्टिंग करेंगे।

यह भी पढ़े.. Bank Holiday 2021: जुलाई में 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, जल्द निपटा लें अपने जरुरी काम

बता दे कि बीते दिनों सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhaan) ने ऐलान किया था कि 1 से 31 जुलाई तक तबादलें हो सकेंगे। इसके तहत विभागीय स्तर पर मंत्री और स्थानीय स्तर पर प्रभारी मंत्री की मंजूरी से तबादले हो सकेंगे।मानवीय संवेदना ओं के आधार पर ही तबादले होंगे।इसके बाद कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दी गई थी, इसके बाद आज नई पॉलिसी जारी की गई है।