MP News: शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, समय सीमा में हुई वृद्धि, संबल योजना के हितग्राहियों को मिलेगा लाभ

संबल योजना संचालन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण के लिए जिला कलेक्टर को अपीलीय अधिकार दिये गये हैं।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) की शिवराज सरकार (Shivraj Government)  ने संबल योजना के हितग्राहियों को बड़ा लाभ दिया है। दरअसल संबल योजना में अनुग्रह राशि (Ex-gratia payment) के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना में अनुग्रह सहायता के लिए आवदेन करने की प्रक्रिया को और अधिक सहज बनाया गया है। योजना में आवेदन देने की 90 दिन की अवधि को बढ़ाकर 180 दिन किया गया है। इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा संभाग एवं जिलों को परिपत्र जारी किया गया है।

योजना के संचालन के लिए NIC द्वारा निर्मित पोर्टल पर अनुग्रह सहायता राशि के प्रकरण दर्ज किये जाते हैं। मृतक के परिजन द्वारा मृत्यु से 7 दिवस में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी को अंत्येष्टि सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाता है तो अनुग्रह सहायता का प्रकरण दर्ज करने की कोई समय-सीमा नहीं है।

हालांकि मृत्यु के 7 दिवस के भीतर अंत्येष्टि सहायता का प्रकरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाता है तो अनुग्रह सहायता राशि के प्रकरण दर्ज करने के लिए मृत्यु दिवस से 90 दिवस के स्थान पर अब 180 दिवस की समय-सीमा में हितग्राही अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

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संबल योजना संचालन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण के लिए जिला कलेक्टर को अपीलीय अधिकार दिये गये हैं। साथ ही भौतिक सत्यापन के लिए लंबित रह गये प्रकरणों में से सत्यापन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इसी प्रकार मृत्यु के कारण अथवा अन्य कारणों से अपात्र घोषित किन्तु स्वीकृत प्रकरणों में पुनर्सत्यापन की कार्यवाही भी जिला स्तर से की जा रही है।

परिपत्र में 31 मार्च 2021 के पूर्व हुई मृत्यु के लंबित ऐसे प्रकरण जिनकी 180 दिवस की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे प्रकरणों में जिला कलेक्टर अथवा अनके द्वारा नामांकित अपर कलेक्टर द्वारा जाँच के बाद 180 दिवस से अधिक अवधि के प्रकरणों को भी स्वीकृत करने की छूट लिखित एवं स्पष्ट आदेश द्वारा दी जा सकेगी।

ऐसी स्थिति में कलेक्टर अथवा नामांकित अधिकारी द्वारा दी गई स्वीकृति की प्रति विहित प्राधिकारी को अपने लॉगिन में निर्धारित स्थान पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद ही संबंधित हितग्राही का ईपीओ जनरेट हो सकेगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि यह छूट केवल 31 मार्च 2021 से पूर्व के मृत्यु प्रकरणों में ही मान्य होंगे।