MP News : 21,584 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे 3199 करोड़ रुपए

जिला स्तर पर स्थित राजस्व विभाग के कार्यालयों में कम्प्यूटरों के उन्नयन एवं नवीन उपकरणों के व्यय की पूर्ति हेतु 16 करोड़ रुपये की मांग की गयी।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) मैं विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Winter session) के द्वितीय दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (jagdish devda) द्वारा अनुपूरक बजट पेश किया गया। मंगलवार को 21584 करोड़ रुपए अनुपूरक बजट (supplementary budget) पर बुधवार के दिन चर्चा की जाएगी। इस अनुपूरक बजट से कई विकास योजनाओं व निर्माण कार्य को संपन्न किया जाएगा।

जिसके लिए राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्य रूप से इसमें भोपाल इंदौर मेट्रो रेल स्मार्ट सिटी परियोजना के करीब 700 खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अनुपूरक बजट की कुल राशि का 34% हिस्सा केंद्र की योजनाओं के लिए भी संचित करके रखा गया है।

दरअसल राज्य सरकार राज्य में किए गए विकास कार्यों के खर्च को पूरा करने के लिए बजट लेकर आई है। होमगार्डों लंच भत्ता और परिवहन के लिए 50 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की है। इसके अलावा अनुपूरक बजट में ब्याज के भुगतान के लिए 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जबकि सीएम किसान फसल उपार्जन सहायता के लिए 1000 करोड़, मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना के लिए 100 करोड़, सीएम कोरोना बाल सेवा योजना के लिए 2699 करोड़ का प्रावधान है।

नगर आपूर्ति निगम को 500 करोड़ स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 922 करोड प्रावधान किया गया है। वही प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए 4602 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए डेढ़ सौ करोड़ सरकार 3 महीने में खर्च करेगी।

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इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 600 करोड तय किए गए। स्मार्ट सिटी योजना के लिए 549 करोड नगर निकाय के लिए 1000 करोड का प्रावधान किया गया।

अनुपूरक बजट से केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया हैं। इसके अलावा बिजली कंपनियों की हानियों होने की स्थिति में लिए 1 हजार 100 करोड़ रुपए सहित अन्य कार्यों के लिए 2 हजार 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।साथ ही सड़क और पुलों के लिए 2500 करोड़ रूपए रखे गए हैं।

जबकि सड़क और पुल निर्माण के लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिसके लिए डेवलपमेंट के कार्य के लिए कुल 3199 करोड़ रुपए खर्च होंगे।। संबल योजना को चलाने के लिए श्रम विभाग ने 100 करोड़ रुपये की मांग उठाई है। स्वास्थ्य विभाग को 922.79 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की जरूरत है।