मप्र पंचायत चुनाव : उम्मीदवारों को देना होगा ये प्रमाण पत्र, अधिकारियों को सौंपे दायित्व

यदि कोई पूर्व जनपद सदस्य या जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे ग्राम पंचायत के साथ-साथ संबंधित जनपद और जिला पंचायत का भी अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।मप्र पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election 2021) की तारीखों का कभी भी ऐलान हो सकता है। इसको लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां जोरों पर चल रही है।इसी कड़ी में अब पंच, सरपंच, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को नाम-निर्देशन पत्र के साथ अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।वही जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों को ऑनलाइन नाम-निर्देशन भरने की सुविधा होगी, लेकिन सरपंच तथा पंच पद के नाम निर्देशन ऑनलाइन प्राप्त नहीं किए जाएंगे।

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मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (Madhya Pradesh State Election Commission) द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार पंचायत चुनाव के लिए पंच, सरपंच, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नाम निर्देशन पत्र के साथ अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले नाम-निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के लिए निर्धारित तिथि एवं समय तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

इसके तहत अदेय प्रमाण पत्र निर्वाचन घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा। अर्थात यदि माह दिसंबर 2014 में निर्वाचन की घोषणा होती है तो 31 मार्च 2014 की स्थिति में अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के लिए सचिव द्वारा, जनपद पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा और जिला पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किया जाएगा।अभ्यर्थी द्वारा जिस पंचायत के लिए नाम-निर्देशन पत्र भरा जा रहा है, उस पंचायत का अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।

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यदि अभ्यर्थी पूर्व में किसी अन्य पंचायत का पदाधिकारी और सदस्य रहा है तो उसे पूर्व पंचायत का भी अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अर्थात यदि कोई अभ्यर्थी पूर्व में सरपंच रहा है और अब जनपद और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लडऩा चाहता है तो उसे जनपद और जिला पंचायत के साथ-साथ ग्राम पंचायत का भी अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसी प्रकार यदि कोई पूर्व जनपद सदस्य या जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे ग्राम पंचायत के साथ-साथ संबंधित जनपद और जिला पंचायत का भी अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

जनपद-जिला पंचायत सदस्यों को ऑनलाइन नाम- निर्देशन भरने की सुविधा

पंचायत चुनाव के लिए आयोग द्वारा जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन नाम-निर्देशन एप्लीकेशन के माध्यम से नाम-निर्देशन भरने की अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है। ऑनलाइन नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

बैतूल उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों एवं रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अभ्यर्थियों को ऑनलाइन (Online) सुविधा प्रदान करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में कम से कम दो सुविधा केन्द्र स्थापित किए जाने तथा स्थापित सुविधा केन्द्रों में पर्याप्त स्टाफ, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर आदि की व्यवस्था की जाकर स्थापित केन्द्रों की जानकारी 11 नवंबर 2021 के प्रात: 11 बजे तक कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं।

सरपंच- पंच पद के नाम निर्देशन ऑनलाइन नहीं

बैतूल उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव के लिए आयोग द्वारा सरपंच पद तथा पंच पद के नाम-निर्देशन ऑनलाइन प्राप्त नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया है तथा नाम निर्देशन की प्रक्रिया जैसे- नाम निर्देशन पत्रों की प्रविष्टि, संवीक्षा, नाम वापसी, क्रम निर्धारण एवं प्रतीक चिन्ह का आवंटन आईईएमएस सॉफ्टवेयर से नहीं किया जाकर पारंपरिक पद्धति (Offline) से किया जाएगा।

कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपे ये दायित्व

शिवपुरी कलेक्टर (Shivpuri Collector) एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने मतदान केन्द्रों पर दलों के पहुंचने पर केंद्र खुला रखने, उनके रुकने, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को दायित्व सौंपे है।जारी आदेश के तहत ऐसे मतदान दल जिन्हें अपने विकासखण्ड से दूसरे विकासखण्ड में तैनात किया गया है। वे मतदान दिवस के दो दिन पूर्व विकासखण्ड पर उपस्थित होंगे। अगले दिवस मतदान सामग्री लेकर मतदान केन्द्र की ओर प्रस्थान करेंगे।मतदान दलों से विकासखंड मुख्यालय पर रुकने, साफ-सफाई एवं बिस्तर आदि की व्यवस्था के लिए जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, संबंधित नगर पालिका के सहयोग से व्यवस्था करेंगे।

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साथ ही मतदान केन्द्रों पर दलों के पहुंचने पर केंद्र खुला रखने, साफ-सफाई के लिए जिला शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को दायित्व सौंपे गए है। जबकि पेयजल, चाय-नाश्ता, भोजन आदि की व्यवस्था के लिए संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित नगर परिषद एवं नगर पालिका के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए है। उक्त अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से समन्वय कर उक्त व्यवस्था अति-आवश्यक रूप से सुनिश्चित करेंगे।