MP: किसानों के लिए राज्य सरकार की बड़ी योजना, मंडी में फसल बेचने की जा रही नवीन पहल

MP News: Farmers और व्यापारियों के लिए एक साझा मंच के रूप में कार्य करेगा और मंडी परिसर में आए बिना कृषि उपज की खरीद और बिक्री की सुविधा प्रदान करेगा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ जहां केंद्र की मोदी सरकार (Modi GOvernment) ने तीनों किसान कानूनों (farm laws) को वापस लेने की घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में किसानों (MP Farmers) के हित में राज्य सरकार बड़े फैसले ले रही है। किसानों को उनकी उपज का अधिक दाम (crops price) मिल सके। इसके साथ ही उनकी उपज की खरीदी पर्याप्त मात्रा में हो, इसके लिए अब मोबाइल एप्लीकेशन फॉर्म गेट (mobile application form gate) लांच करने की योजना तैयार की गई है।

कोरोना महामारी के दौरान मंडी बोर्ड का सौदा पत्रक नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया था और परिणाम उत्साहजनक रहे थे। ऐप ने कागजी कार्रवाई में कटौती के अलावा किसानों और व्यापारियों को सुविधा प्रदान की। ऐप में तकनीकी गड़बड़ियों पर नियमित रूप से काम किया जाता है लेकिन अब मंडी बोर्ड ने एक और नया ऐप – एमपी फार्म गेट लॉन्च करने का फैसला किया है। यह किसानों और व्यापारियों के लिए एक साझा मंच के रूप में कार्य करेगा और मंडी परिसर में आए बिना कृषि उपज की खरीद और बिक्री की सुविधा प्रदान करेगा।

मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के घर तक उनकी उपज की खरीद के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन एमपी फार्म गेट लॉन्च करने की योजना बनाई है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक विवेक नरवाल ने कहा इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में घंटों कतार में खड़े रहते हैं, राज्य मंडी बोर्ड ने प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसान के दरवाजे तक पहुंचने का फैसला किया है।

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मंडी बोर्ड के पास किसानों और पंजीकृत व्यापारियों का डाटा है, जिसे मोबाइल एप पर अपडेट किया जाएगा। व्यापारी उस उत्पाद के आधार पर किसान की पहचान कर सकता है जिसे वह खरीदना चाहता है। मंडियों में पंजीकृत व्यापारी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। किसानों की सूची उनके संपर्क विवरण के साथ भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे व्यापारियों को किसानों से सीधा संवाद करने में सुविधा होगी। व्यापारियों और किसानों को मंडी परिसर में पालन किए जाने वाले सभी नियमों का पालन करना होगा।

मंडी बोर्ड के एक अन्य सूत्र ने कहा कि मोबाइल ऐप में कुछ बदलाव अपरिहार्य हैं। बोर्ड कृषि-विशेषज्ञों और सॉफ्टवेयर पेशेवरों के साथ परामर्श कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एमएसपी पर उपज की खरीद की जाती है। वे रैंडम फिजिकल चेकिंग के अलावा मोबाइल ऐप पर सही मात्रा में प्रवेश पर रोक लगाने के तरीके खोजने का भी प्रयास कर रहे हैं।

भुगतान करते समय किसानों और व्यापारियों पर लगाए गए करों की ऑनलाइन कटौती की जाएगी। मंडी बोर्ड ने अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने और फ्लाइंग स्क्वायड बनाने का निर्णय लिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मंडी नियमों को लागू किया जा सके।