प्रदेश में सोयाबीन पर राजनीति शुरू, दिग्विजय ने लिखा शिवराज को पत्र

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कभी सोया स्टेट के नाम से जाने जाने वाले मध्यप्रदेश में अब सोयाबीन के ऊपर राजनीति शुरू हो गई है। सोयाबीन के बीज की कालाबाजारी और कमी का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।

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पूरे प्रदेश में इन दिनों खरीफ की फसल की बोवनी का मौसम है। कई स्थानों पर सोयाबीन की भी बोवनी की जा रही है। दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि मूंग की फसल पानी गिरने से चौपट हो गई है और किसान सोयाबीन के बीच के लिए भटक रहा है। लेकिन यह बीज नहीं मिल रहा है और इसकी जमकर कालाबाजारी हो रही है। दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि खुले बाजार में 10,000 रूपये से लेकर 12000 रूपये प्रति क्विंटल सोयाबीन का बीज बेचा जा रहा है और किसान जमकर शोषण का शिकार हो रहा है। महंगे दामों पर खरीदे गए सोयाबीन बीज की गुणवत्ता भी संदिग्ध है और ऐसा ना हो कि पिछली बार की तरह जिस तरह से बाजार से खरीदे गए सोयाबीन में अंकुरण ही नहीं हुआ था, वैसा इस बार भी हो।

दिग्विजय सिंह ने पत्र में आगे लिखा है कि किसान लुट रहा है लेकिन कृषि विभाग का अमला राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक मूकदर्शक बनकर सब देख रहा है। दिग्विजय के अनुसार 30 साल पहले मध्य प्रदेश पूरे देश में सोया स्टेट के रूप में जाना जाता था लेकिन आज किसानों की स्थिति दयनीय है। ना तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज मिल रहा है ना ही कीटनाशक और खाद भी उचित मूल्य नहीं पर मिल रही है। कई जिलों में नकली कीटनाशकों के रैकेट पकड़े जा रहे हैं लेकिन सख्त कार्रवाई के अभाव में किसानों का शोषण निरंतर जारी है। इतना ही नहीं अंत में किसानों को फसल भी ओने पौने दामों में बेचना पड़ता है। खरीफ की फसल में किसान के सामने धान मक्का और सोयाबीन के अलावा कोई विकल्प नहीं है। दिग्विजय ने शिवराज से अनुरोध किया है कि बीज के लिए लुट रहे और दुकान दुकान भटक रहे किसानों को कम से कम सोयाबीन का सर्टिफाइड बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।

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