MP College: सरकारी कॉलेजों में 450 पदों पर की जाएगी भर्ती, नई शिक्षा नीति पर भी फोकस

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के शिक्षकों (MP Teachers) के लिए बड़ी खुशखबरी है। 169 सरकारी कॉलेजों (Government Colleges) में 450 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में 169 शासकीय महाविद्यालयों के लिए सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी के 450 नए पद सृजित किए गए हैं।

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आज मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव (Higher Education Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि इन पदों की स्वीकृति के बाद काफी हद तक सहायक प्राध्यापकों एवं अन्य पदों की पूर्ति की जा सकेगी। आगामी सत्र से इन महाविद्यालयों (College Study) में सुचारू रूप से पढ़ाई का संचालन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सहायक प्राध्यापक के 370, क्रीड़ाधिकारी के 40 और ग्रंथपाल के 40 पद स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार उच्च शिक्षा विभाग में अब सहायक प्राध्यापकों के 9432, ग्रंथपाल के 527 और क्रीड़ाधिकारी के 487 पद हो गये हैं।

वही उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (National Education Policy-2020) पर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिये गठित टास्क फोर्स समिति की भोपाल (Bhopal) से ऑनलाइन बैठक में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप अकादमिक संरचना एवं पाठ्यक्रम परिवर्तित किये जायें। हम अपने संसाधनों पर विचार करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करें। आवश्यकता होने पर भारत सरकार (Indian Government) से भी मदद ली जायेगी। सीमित संसाधनों के साथ राष्ट्रीय नीति को प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

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उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कई राज्य आज भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने को लेकर इंतजार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका में है। प्रदेश में आगामी अकादमिक वर्ष से स्नातक स्तर पर इसे लागू करने जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से केन्द्र सरकार ने सकारात्मक कदम उठाया है। हम इसके अनुरूप आगे बढ़ेंगे। इसके क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों को शिक्षाविदों के साथ चर्चा करके दूर किया जायेगा।

प्रजेंटेशन में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रम बहुविषयक होंगे। कला और विज्ञान के बीच कोई अलगाव नहीं होगा। ग्रेडिंग प्रणाली अपनाई जायेगी और पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम पर आधारित होगा। साथ ही विद्यार्थियों (College Student) को वैकल्पिक विषय चुनने की आजादी रहेगी।

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