MP School : सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगी जल्द नई जिम्मेदारी, छात्रों को मिलेगा लाभ

इसके लिए हर स्कूल (School) में एक एक शिक्षक को खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक  (Food safety supervisor) नियुक्त किया जाएगा।

Teacher Recruitment

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल (Corona Crisis) और आए दिन बढ़ती बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अब मध्य प्रदेश (MP) के सरकारी स्कूलों (Government School) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत शिक्षक (Teacher) अब छात्रों (Student) को शिक्षा (Education) के साथ साथ यह भी बताएंगे कि जंक फूड (Junk Food) से कितने नुकसान है और उन्हें अपनी डाइट (Diet) में क्या क्या शामिल करना चाहिए, ताकी वे फिट और सेहतमंद रहे। इसके लिए हर स्कूल (School) में एक एक शिक्षक को खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक  (Food safety supervisor) नियुक्त किया जाएगा।

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दरअसल, इन दिनों ‘ईट राइट चैलेंज’ प्रतियोगिता के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (AFSSAI) की तरफ से स्कूल, कॉलेज (College) व अन्य कैंपस के अलावा जिले में स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 12 तरह की एक्टविटी चलाई जा रही है, इसमें  स्ट्रीट वेंडर्स, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (Asha and Anganwadi workers) को ट्रेनिंग (Traning) देने समेत कई मुद्दे शामिल किए गए है। इसकी वजह यह कि आंगनबाड़ी में बच्चों को भोजन बांटा जाता है। होटलों में खाद्य तेल के बार-बार उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया जाएगा।

यह पूरी प्रक्रिया आगामी महिने मार्च 2021 (March 2021) तक पूरी होनी है, इसमें देशभर से 150 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल, मुरैना जैसे जिले शामिल किए गए है।इसके अलावा  उन स्कूलों को भी शामिल किया गया हैं, जो मध्यान्ह भोजन का वितरण करते है।

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यह पूरा काम खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (Food and Drug Administration Department) की निगरानी में होगा। स्‍कूलों में शिक्षक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तरह व्‍यंजनों की जांच भी करेंगे। हर स्कूल के एक शिक्षक को एक दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो छात्रों को बताएंगे कि उनके लिए क्या खाना सही है और क्या नहीं। जंक फूड खाने से कितनी बीमारियां और सेहत पर बुरा असर होता है।

बता दे कि सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा था कि छात्रावासों में कोविड-19 से बचाव के लिए लागू गाईड लाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए छात्रावास अधीक्षकों का स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक छात्रावास निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र के साथ संबद्ध किया जाएगा। स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक का मोबाइल नम्बर छात्रावास के सूचना पटल पर लिखा जाएगा। छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था होगी।