एफबी पर विवादित पोस्ट के बाद तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सस्पेंड

भोपाल/श्योपुर| कौन बनेगा करोड़पति में पचास लाख जीतकर सुर्ख़ियों में आई तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को आखिरकार फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना भारी पड़ गया| पोस्ट को लेकर कई बार विवादों में आ चुकी महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को निलंबित कर दिया गया है| कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुमोदन पर चंबल कमिश्नर रेनू तिवारी ने गुरुवार को अमिता सिंह को सस्पेंड कर भोपाल अटैच कर दिया।

तहसीलदार एवं निर्वाचन प्रभारी अमिता सिंह तोमर लगातार फेसबुक पर विवादित पोस्ट को लेकर सुर्ख़ियों में रही हैं| कुछ दिनों पहले ही उन्होंने ‘चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा’ शीर्षक से फेसबुक पर एक पोस्ट कर प्रदेशभर के नायब तहसीलदारों को भ्रष्ट और चाटुकार बता दिया था, साथ ही उन्होंने अमिता सिंह ने अपनी पोस्ट में सरकारी तंत्र को भी सड़ा हुआ बताया था|  उन्होंने लिखा था कि अब तो प्रशासनिक अकादमियों में ही भ्रष्टाचार व चाटुकारिता की ट्रेनिंग दी जा रही है।

 ताजा विवाद में तहसीलदार को कलेक्टर ने नोटिस जारी किया था|  फेसबुक पर धर्म विशेष के लोगों पर किए गए बेहद आपत्तिजनक कमेंट और कराहल में हुई प्रशासन की कार्रवाई को अमिता सिंह ने गलत बताते हुए प्रभावितों को न्यायालय जाने की सलाह दी थी। इसको लेकर अमिता सिंह की आलोचना हो रही थी|  इन दोनों मामलों में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 23 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर, 24 घण्टे में अमिता सिंह से जवाब मांगा था।

 कौन बनेगा करोड़पति से आई सुर्खियों में 

अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब भी वे श्योपुर में पदस्थ थी। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। पिछले साल जब राज्य शासन ने राजगढ़ से उनका तबादला सीधी कर दिया था, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।  तबादले का मामला उन्होंने सोशल मीडिया पर भी उठाया। हालांकि उन्हें सीधी जाकर ज्वाइन करना पड़ा । कुछ महीने में उनका तबादला सीधी से भी किया गया था, कोर्ट के आदेश पर तबादला स्थगित हुआ था और वह चुहरट में ही पदस्थ रहीं। इसके बाद उनका तबादला फिर हो गया| 

‘ट्रांसफर वाली मैडम’ कहकर उड़ाया जाता था मजाक, पीएम को लिखी थी चिट्ठी  

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने तबादलों के पीड़ा जाहिर करते हुए कहा था 13 साल में 9 जिलों में 25 बार तबादले हो चुके हैं। इसकी शिकायत वे ट्वीटर के जरिए प्रधानमंत्री मोदी तक से कर चुकी हैं। राजगढ़ से चुरहट तबादले के बाद उन्होंने सवाल उठाए थे और महिला अधिकारी को 600 किमी दूर भेजने पर पीएमओ को भी शिकायत की थी। इससे पहले वो ब्यावरा में पदस्थ थी और 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र औैर मुख्यमंत्री को ट्विट कर न्याय की गुहार लगाई थी। अमिता, केबीसी में 50 लाख रुपए भी जीत चुकी हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि पहले कभी उन्हें केबीसी वाली मैडम के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन अब तबादले वाली मैडम कहकर मजाक उड़ाया जाता है।