हल्ला बोल : आज भोपाल में जुटेंगे हजारों स्थाई कर्मी, नियमितिकरण की मांग तेज

स्थाई कर्मी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सरकारी कर्मचारी (Government Employee), पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बाद अब मध्य प्रदेश के स्थाई कर्मियों ने मप्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।आज प्रदेश भर के स्थाई कर्मियों ने भोपाल के चार इमली रेस्टा हाउस में सम्मेलन बुलाया है।इसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। स्थाई कर्मियों की मांग है कि नियमित कर्मचारियों के समान सातवां वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति, चिकित्सा सुविधा, चिकित्सा अवकाश सहित आदि समस्त मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।

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दरअसल, आज रविवार को मप्र स्थाईकर्मी कल्याण संघ (MP Permanent Workers Welfare Association) के नेतृत्व में प्रदेश भर के स्थाई कर्मियों ने भोपाल के चार इमली रेस्टा हाउस में महा अधिवेशन बुलाया है। इसमें प्रदेश के समस्त विभागों समस्त जिलों के स्थाई कर्मी दैनिक वेतन भोगी सुरक्षा श्रमिकों की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा कर 5 सूत्री ज्ञापन तैयार किया जाएगा जिसमें प्रमुख रूप से विनियमितीकरण शब्द को विलोपित कर स्थाई कर्मियों को नियमित कर्मचारी के समान वेतन भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जाएं। खास बात ये है कि इसमें मप्र विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम भी हिस्सा लेंगे।

वर्तमान में प्रदेश में 48 हजार स्थाई कर्मी है, जिन्हें 12 से 18 हजार वेतन दिया जा रहा है। जो लंबे समय से नियमितिकरण की मांग कर रहे है। अभी इन्हें कुशल, अकुशल और अर्धकुशल की श्रेणी में रखा गया है। इनकी मांग है कि स्थाई कर्मी नियमित कर्मचारियों के समान सातवां वेतनमान (7 Pay Commission), अनुकंपा नियुक्ति, चिकित्सा सुविधा, चिकित्सा अवकाश सहित आदि समस्त मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।

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स्थाई कर्मी कल्याण संघ के अध्यक्ष का कहना है कि लंबे समय से स्थाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। पूर्व में दैनिक वेतन भोगी के नाम से जाना जाता था। साल 2016 से स्थाई कर्मी नाम दे दिया है लेकिन शासकीय कर्मचारियों का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बावजूद भी न शासकीय कर्मचारियों का दर्जा न शासकीय कर्मचारियों के समान सुविधा मिल रही है। उपेक्षा से स्थाईकर्मियों में आक्रोश है।