भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। राजधानी में एक अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है। पुलिस के दो आरक्षकों ने एक व्यक्ति को ट्रेन की पटरी पर आत्महत्या करने की कोशिश करते हुए बचाया। व्यक्ति ने आत्महत्या करने के पीछे जो वजह बताई, वह हैरान कर देने वाली है।

पत्नी करती थी किसी और से मोबाइल पर बात, पटरी पर जा लेटा पति
दरअसल भोपाल के शबरी नगर में रहने वाले रणधीर का आरोप है कि वह अपनी पत्नी से बेहद परेशान है। उसकी पत्नी मोबाइल पर लगातार दूसरे व्यक्ति से बात करती रहती है और अगर वह उसे बात करने से रोकता है तो उसे धमकी देती है। रोज-रोज की धमकियों से परेशान होकर रणधीर ने यह फैसला कर लिया कि अब जिंदा रहना ही नहीं है और वो सीधा पहुंच गया रेल की पटरी पर और जाकर ट्रेन का इंतजार करने लगा। वह तो गनीमत रही कि आसपास किसी व्यक्ति ने उसे ट्रेन की पटरी पर लेटे हुए देख लिया और कोरोना के चलते ट्रेनों की आवाजाही भी कम है इसीलिए रणधीर के पटरी पर लेटे रहने तक कोई ट्रेन आई भी नहीं। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई तो उसे बचा लिया गया। पुलिस के दो आरक्षक नीतीश मिश्रा और नारायण तोमर मौके पर पहुंचे और रणधीर को पुलिस थाने ले आए। क्योंकि उस समय बारिश हो रही थी इसीलिए इस कवायद में न केवल रणधीर बल्कि दोनों पुलिस वाले भी भीग गए।

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थाना प्रभारी छोला के मंदिर को दिए आवेदन में रणधीर गिरी गोस्वामी, जिसकी उम्र 29 साल है, और शबरी नगर भानपुर का रहने वाला है, ने बताया कि उसकी टेंट की दुकान है। पत्नी अन्य किसी व्यक्ति से बात करती है। रोकने पर धमकी देती है कि झूठे केस में फंसा दूंगी। मैं बहुत प्रताड़ित हूं इसीलिए मरने के लिए पटरी पर लेट गया था। फिलहाल पुलिस ने मामले को विवेचना में ले लिया है और अब आगे पूछताछ करेगी।