IIMC में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर निकली बंपर भर्ती, जानें योग्यता और जरूरी डिटेल्स

इन पदों पर कॉन्ट्रैक्चुअल बेस पर उम्मीदवारों का चयन होगा। पहले 1 साल के लिए, उसके बाद विद्यार्थियों और संस्थान के अधिकारियों के फीडबैक पर कॉनट्रैक्ट को बढ़ा जाएगा।

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IIMC Assistant Professors Recruitment 2024:  प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है। देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया इंस्टीट्यूट इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC) में असिस्टेंट प्रोफेसर के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार IIMC की आधिकारिक वेबसाइट iimcrecreuitmentcell@gmail.com पर जाकर ऑनलाइन रूप से अपना सीवी भेजकर सकते हैं। वहीं, इन पदों पर भर्ती के लिए आवदेन की अंतिम तारीख 6 जून 2024 निर्धारित की गई है।

कुल पद- 17

शैक्षणिक योग्यता

IIMC में असिस्टेंट प्रोफेसर के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास 55 फीसदी अंकों के साथ मॉस कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) की सर्टिफिकेट भी होनी चाहिए। वहीं इन पदों पर कॉन्ट्रैक्चुअल बेस पर उम्मीदवारों का चयन होगा। पहले 1 साल के लिए, उसके बाद विद्यार्थियों और संस्थान के अधिकारियों के फीडबैक पर कॉनट्रैक्ट को बढ़ा जाएगा। इसके अलावा तीन साल का अनुभव भी होना चाहिए।

आयु-पात्रता

IIMC में विभिन्न पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 55 साल निर्धारित की गई है।

अन्य जानकारी

IIMC में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार, जिस संस्थान के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसका नाम लिखे। इसके अलावा एक से ज्यादा कैंपस के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार प्रत्येक संस्थान का नाम लिखेंगे। साथ ही एक से अधिक पदों पर आवदेन करने पर उम्मीदवारों को उसका भी उल्लेख करना होगा। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन को एक बार जरूर पढ़ लें।

 


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है–खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालोमैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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