Planting Tips: बारिश के मौसम में पौधों को कैसे बचाएं कीड़ों से? जानिए 3 असरदार उपाय

Planting Tips: बारिश का मौसम पौधों के लिए विकास का समय होता है, लेकिन इसी के साथ कई तरह के कीड़े-मकोड़े भी पनपते हैं जो पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहां 3 आसान उपाय दिए गए हैं जिनकी मदद से आप बारिश के मौसम में अपने पौधों को कीड़ों से बचा सकते हैं।

भावना चौबे
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Planting Tips: आजकल, घरों, बालकनी और छतों को हरा-भरा बनाने का चलन काफी बढ़ गया है। पौधे न केवल हमारे घरों को सुंदर बनाते हैं, बल्कि वे हवा को भी शुद्ध करते हैं और हमें प्रकृति के करीब लाते हैं। लेकिन, व्यस्त जीवनशैली और समय की कमी के कारण, हम अक्सर अपने पौधों की उचित देखभाल नहीं कर पाते हैं। यह समस्या खासकर मानसून के मौसम में बढ़ जाती है, जब तेज बारिश और आंधी पौधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा, अधिक नमी के कारण पौधों में सड़न और मीलीबग जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं तो, आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान उपाय जो आप अपने पौधों को मानसून में सुरक्षित रखने के लिए अपना सकते हैं।

3 आसान उपाय

1. नीम का तेल

नीम का तेल प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में जाना जाता है। यह कई तरह के कीड़ों को मारता है और पौधों को उनसे बचाता है। 1 लीटर पानी में 5 मिलीलीटर नीम का तेल और 20 मिलीलीटर तरल साबुन मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह से घोलकर स्प्रे बोतल में भर लें। सूर्यास्त के बाद पत्तियों के ऊपरी और निचले हिस्सों पर इस घोल का छिड़काव करें। हर 10-15 दिन में यह प्रक्रिया दोहराएं।

2. लहसुन का अर्क

लहसुन की तीखी गंध कई कीड़ों को दूर भगाती है। 10 लहसुन की कलियां को 1 लीटर पानी में उबाल लें। ठंडा होने दें और छान लें। इस घोल को स्प्रे बोतल में भर लें। सूर्यास्त के बाद पत्तियों के ऊपरी और निचले हिस्सों पर इस घोल का छिड़काव करें। आवश्यकतानुसार हर 7-10 दिन में दोहराएं।

3. लकड़ी की राख

लकड़ी की राख मिट्टी में पोषक तत्वों को बढ़ाती है और कुछ कीड़ों को भी दूर भगाती है। जली हुई लकड़ी की राख को इकट्ठा करें और इसे बारीक पीस लें। इस पाउडर को मिट्टी में मिलाकर पौधों के गमले के चारों ओर छिड़कें। आवश्यकतानुसार हर 15-20 दिन में दोहराएं।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

 


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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