Yoga Poses To Relief Back Pain: पीठ दर्द की समस्या से मिलेगा आराम, करें ये 4 योगासन

Manisha Kumari Pandey
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Yoga Poses To Relief Back Pain: आजकल की जीवन शैली में पीठ दर्द की समस्या नॉर्मल बन चुकी है। दुनियाभर में लाखों लोग इस समस्या से परेशान हैं। मांसपेशियों में संतुलन, गठिया, चोट और खराब मुद्रा के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है। लेकिन कुछ योगासनों से इस समस्या से आराम मिल सकता है। इससे हड्डियों की सेहत में भी सुधार होता है। योगा करते समय मूवमेंट का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। अभ्यास के दौरान तेज दर्द महसूस होने पर तुरंत रुक जाना चाहिए।

Yoga Poses To Relief Back Pain: पीठ दर्द की समस्या से मिलेगा आराम, करें ये 4 योगासन
उष्ट्रासन

उष्ट्रासन

कमर दर्द को दूर करने के लिए यह बेहद ही आसान और फायदेमंद योगासन माना जाता है। इसके लिए घुटनों के बल बैठ जाएं। अब अपने दाएं हाथ को आगे घुमाते हुए पीछे ले जाए। दाएं पैर की एड़ी को छूने की कोशिश करें। बाएं हाथ से पंजा टच करें। उसके बाद क्षमता अनुसार इसी स्थिति में बने रहे और फिर वज्रासन मुद्रा में आ जाएं।

Yoga Poses To Relief Back Pain: पीठ दर्द की समस्या से मिलेगा आराम, करें ये 4 योगासन
ताड़ासन

ताड़ासन

यह कमर दर्द के लिए बेहद ही असरदार माना जाता है। हाथों की उंगलियों को आपस में फँसाये। हथेलियों को पलटते हुए ऊपर की ओर ले जाए। अब गहरी लंबी सांस लेते हुए शरीर को खींचे। पैर के पंजों से शरीर के निचले हिस्से को खींचे और हाथों से ऊपर की ओर खींचे। क्षमता के अनुसार सांस को रोके रखें। फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ें।

Yoga Poses To Relief Back Pain: पीठ दर्द की समस्या से मिलेगा आराम, करें ये 4 योगासन
सेतुबँधासन

सेतुबंधासन

इस योगासन में पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए कूल्हों के पास ले जाएं। हथेलियों को मैट से चिपकाए रखना है। लंबी गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर की ओर उठाना शुरू करें। इसे उठाने के लिए आप हाथों का भी सहारा ले सकते हैं। ऊपर जाकर अपनी क्षमता के अनुसार इसी पोज में रहें। फिर सांस छोड़ते हुए पहले ही अवस्था में वापस आ जाए।

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भुजंगासन

भुजंगासन को कमर दर्द के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसे करने से बैली फैट भी कम होता है। इसके लिए पेट के बल लेट जाए। हाथों को अपने छाती के बगल से निकालें और माथा मैप पर रखें। लंबी गहरी सांस भरते हुए शरीर को ऊपर ले जाए। नाभि को मैट से ही लगा रहने दे। अब शरीर को ऊपर उठाते हुए गर्दन को पीछे की ओर ले जाएं। क्षमता के अनुसार शरीर को ऐसी स्थिति में रोके रखें। उसके बाद सांस छोड़ते हुए पहली अवस्था में वापस आए इस अभ्यास को 3 से 4 बार करना अच्छा माना जाता है।

(Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MPBreakingNews इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)


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