दुष्कर्म मामले में अब दलित नेता आये बीजेपी के विरोध में

अशोकनगर| भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र ताम्रकार पर सिंगरौली के माडा थाने में दर्ज हुए बलात्कार के मामले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्ता के पक्ष में किये जा रहे प्रयासों से दलित नेता एवं बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारी बाबूलाल दैलबार दलित महिला के पक्ष में सामने आये है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने भाजपा के इस मामले में किये जा रहे कार्यो को दलित एवं महिला विरोधी बताया है। 

उनका कहना है कि बीजेपी द्वारा दलित महिला के आबरू के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मामले पर हो रही राजनीति की उन्होंने निंदा की है। बसपा नेता ने कहा कि जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन कर सकती है। 5  भाजपा विधायको द्वारा की जा रही जांच पर सवाल उठाते उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा पीड़ित दलित महिला से मिली है क्या। साथ ही दैलबार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि, इसमें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए

दैलबार द्वारा मीडिया को दी जानकारी के मुताबिक  इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जिस तरह से  मीडिया प्रभारी का बचाव किया है, उससे भारतीय जनता पार्टी का चाल चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। पार्टी के नारी सम्मान और अस्मिता की के दावों की पोल खुल गई है एवं भाजपा का असली चेहरा मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है ।देवेंद्र ताम्रकार को बचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ,नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, राज्यसभा सांसद प्रभात झा ,प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र परासर   आधी नेता खोलकर प्रकरण  को झूठा बताने पर तुले  है।यह सरासर पीड़ित महिला के साथ हुए अपराध के बाद उसका अपमान करना है। पूरे प्रकरण से भारतीय जनता पार्टी का महिला एवं दलित विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। 

बसपा नेता दैलबार ने बताया कि ना केवल अशोकनगर का मामला बल्कि देश भर में महिला अपराधों एवं उनके साथ बलात्कार करने के मामले में bjp के नेता अब्बल रहे हैं। और इसी का नतीजा है कि भाजपा के नेता पीड़ित महिला के प्रति सहानुभूति एवं उसको न्याय दिलाने की जगह  अपने   मीडिया प्रभारी  को बचाने की कोशिश कर रहे है।

बसपा नेता श्री देलवार ने कहा कि यह मामला अभी न्यायालय में है। और इस मुद्दे पर पीड़ित महिला  न्यायालीन कथन भी  दे चुकी है इसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी को देश की न्यायपालिका पर कतई विश्वास नहीं है ।वह  सड़क पर इस प्रकरण का फैसला करने की बात कर रहे हैं। यह सरासर न्यायालय की अवमानना का मामला है।

दलित महिला के साथ हुए अन्याय एवं अत्याचार के बावजूद भारतीय जनता पार्टी जिस तरह उस महिला का अपमान कर रही है एवं अपने आरोपी नेता को बचाने की कोशिश कर रही है ,उसको लेकर संपूर्ण दलित समाज में रोष है।  अगर बीजेपी ने इस मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश की तो मजबूरन दलित समाज को ही पीड़ित महिला के समर्थन में सड़कों पर आना पड़ेगा