पिता के साथ घर लौट रहे युवक पर हमला, दोनों घायल, पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप

हम पर भी धाराएं लगाई हैं उनके खिलाफ भी धाराएं लगाई है लेकिन उनकी रिपोर्ट में मुख्य आरोपियों की जगह किसी और के नाम लिख दिए जिससे उन्हें बचाया जा सके।  सुनील ने ये भी आरोप लगाए कि गंभीर घायल होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उनके पिता नरेंद्र रावत के बयान दर्ज नहीं किये हैं।   

डबरा, सलिल श्रीवास्तव। कोरोना कर्फ्यू में सख्ती के निर्देश हैं बावजूद लोगों पर खुले आम हमला हो रहा है। ताजा  मामला करहिया थाना क्षेत्र का है, जहाँ से अपने पिता के साथ गाड़ी से निकल रहे एक युवक को घेर कर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। घायलों को ग्वालियर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों का आरोप है कि आरोपियों ने उनके ऊपर लाठी, डंडों, कुल्हाड़ी, फरसों से प्राण घातक हमला किया है लेकिन पुलिस ने मामूली धाराओं में मामला दर्ज  किया है जिससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस आरोपियों को बचाना चाहती है।

ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार में भर्ती  फरियादी सुनील रावत ने बताया कि दो दिन पहले वो गांव से ग्वालियर वापस आ रहे थे तभी दुबही गांव के पास गुर्जर युवक ने ट्रैक्टर से उनकी कार को टक्कर मार दी।  जब हमने विरोध किया तो तो वो लड़ाई करने लगा। उसे ट्रेक्टर हटाने के लिए बोला तो गाली गलौज और मारपीट करने लगा। झगडे में मेरी सोने की चैन हाथ घड़ी भी गिर गई। हमने आरोपी युवक के खिलाफ करहिया थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई।

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घायल फरियादी  सुनील ने आरोप लगाया कि करहिया थाने में पदस्थ गुर्जर समाज के दो कॉन्स्टेबल ने पूरी घटना की जानकारी गांव के लोगों को दे दी।  जब वो, पिता नरेंद्र रावत  और अन्य लोगों के साथ कार से करहिया थाने से ग्वालियर की तरफ लौट रहा था तो रास्ते में उसी युवक ने हमें रोक लिया। इतने में ही चैत गांव से करीब आधा सैकड़ा गुर्जर समाज के लोग लाठी डंडे फरसे बंदूक लेकर आ गए और हमारे ऊपर हमला कर दिया जिसमें मुझे और पिताजी को बहुत गंभीर चोट आई। पिताजी के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हो गया।

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पिता के साथ घर लौट रहे युवक पर हमला, दोनों घायल, पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप पिता के साथ घर लौट रहे युवक पर हमला, दोनों घायल, पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप

सुनील रावत ने कहा कि पुलिस हमें लेकर चैत अस्पताल में MLC के लिए गई और सामान्य चोट की मेडिकल रिपोर्ट बनाकर ले गई जबकि हमने जब कुछ देर बाद फिर एक्स रे कराया तो पिताजी के कई जगह फ्रेक्चर निकला। इलाज नहीं मिलने के कारण हम जिला अस्पताल ग्वालियर में भर्ती हुए हैं। यहाँ भी एक्स रे में फ्रैक्चर निकला है।  सुनील ने आरोप लगाए कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।पुलिस ने इस मामले में क्रॉस मुकदमा दर्ज किया है हम पर भी धाराएं लगाई हैं उनके खिलाफ भी धाराएं लगाई है लेकिन उनकी रिपोर्ट में मुख्य आरोपियों की जगह किसी और के नाम लिख दिए जिससे उन्हें बचाया जा सके।  सुनील ने ये भी आरोप लगाए कि गंभीर घायल होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उनके पिता नरेंद्र रावत के बयान दर्ज नहीं किये हैं।