बालाघाट सीट पर मंथन के बाद भाजपा ने घोषित किया मौसम का नाम, वारासिवनी से भाजपा में प्रवेश का प्रदीप जायसवाल को मिला फायदा

Amit Sengar
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Balaghat Election News : भारतीय जनता पार्टी ने 21 अक्टूबर को अपनी पांचवी सूची जारी की। जिसमें बालाघाट विधानसभा में भारी मंथन के बाद पार्टी ने मंत्री पुत्री मौसम पर भरोसा जताया है। हालांकि दोपहर तक यह लगभग तय माना जा रहा था कि इस सीट पर सात बार के विधायक और दो बार के सांसद अनुभवी नेता गौरीशंकर बिसेन ही प्रत्याशी होंगे लेकिन सूची में मौसम हरिनखेड़े का नाम सामने आया। वहीं वारासिवनी से पार्टी ने भाजपा में नये-नये सदस्य बने विधायक प्रदीप जायसवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है, हालांकि यह पार्टी ने प्रवेश के पहले ही विधायक जायसवाल को टिकिट देने का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद ही विधायक जायसवाल ने प्रवेश किया था। जिससे यहां उनका नाम लगभग तय माना जा रहा था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम बालाघाट विधानसभा से आया है, बालाघाट विधानसभा में युवा नेत्री मौसम को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जो मंत्री पुत्री के साथ ही भाजपा की महामंत्री है।

अब तक मौसम का सफर

40 सालो से जिले की राजनीति में अपना लोहा मनवा रहे महाकौशल के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन की द्वितीय सुपुत्री, मौसम ने इंजीनियरिंग तक पढ़ाई की। बचपन से राजनीतिक माहौल में पढ़ी-बढ़ी मौसम ने राजनीति के माध्यम से सामाजिक सेवा का दृढ़ निश्चय कर अपने पिता के नक्शे कदम पर चलने की ठानी और पहली बार भाजपा के युवा जोड़ो अभियान की संयोजिका के रूप में भाजपा की सक्रिय राजनीति में पदार्पण किया। जिसके बाद उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्तमान में वह महिलाओं के बड़े संगठन वामा महिला मंडल, आर्ट ऑफ लिविंग, जिले के अग्रणी महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज की जनभागीदारी अध्यक्ष और भाजपा की जिला महामंत्री के पद पर है। वे एक अच्छी वक्ता के साथ ही पिता की विरासत को संभालने वाली महिला नेत्री के रूप में जिले में पहचानी जाती है। एक समय में वह भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य भी रह चुकी है। चुनाव के पूर्व भाजपा की विकास यात्रा से लेकर जनआशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व भी उन्होंने बखूबी किया। जिन्हें, मंत्री की विरासत के रूप में देखा जाता रहा है और विगत लंबे समय से उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की जा रही है। चूंकि इस चुनाव में मंत्री गौरीशंकर बिसेन के चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके है, इसलिए उनके विकल्प के रूप में भाजपा ने उनकी बेटी मौसम का नाम आगे बढ़ाया है और स्वयं मंत्री बिसेन, पार्टी नेतृत्व को गले में बीमारी की बात कहकर बेटी मौसम को टिकिट दिए जाने की वकालत कर रहे है और लगातार वह इसके लिए काफी समय से प्रयासरत भी थे। जिसके चलते पार्टी ने मौसम पर भरोसा जताकर उन्हंे बालाघाट विधानसभा सीट का प्रत्याशी बनाया है। जो अब पिता के बाद परिवार की राजनीति को आगे लेकर जाएगी।

अब तक प्रदीप जायसवाल का सफर

भाजपा में प्रवेश का फायदा टिकिट के रूप में हासिल करने करने वाले विधायक प्रदीप जायसवाल, वारासिवनी में तीन दशक से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय है। पिता अमृतलाल जायसवाल के साथ राजनीति का ककहरा सीखने वाले प्रदीप जायसवाल ने पिता के नक्शे कदम पर चलकर कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरूआत की। वर्ष 95 में पहली बार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने है। जहां से उनका सफर निरंतर आगे बढ़ता रहा है और वर्ष 1998, 2003, 2008 में वह लगातार चुनाव में जीत की हेट्रिक लगाकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बावजूद उनके पग डगमगाए नहीं है और इसी दौरान लगभग 05 साल तक उन्हें जिम्मेदारीपूर्वक कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2018 में कांग्रेस ने इनकी ऐन चुनाव में टिकिट काटकर, भाजपा से कांग्रेस में आए मुख्यमंत्री के साले संजय मसानी को प्रत्याशी बना दिया था। जिसके चलते उन्होंने मेरा क्या कसूर का स्लोगन देकर ट्रेक्टर छाप से निर्दलीय चुनाव लड़ा और वारासिवनी में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में कांग्रेस ने अपनी गल्ती सुधारकर उन्हें अपने साथ सरकार में शामिल कर मलाईदार विभाग, खनिज विभाग का मंत्री बनाया, लेकिन 15 महिने में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में प्रवेश करने से अल्पमत के कारण कांग्रेस की सरकार गिर गई। जिसके बाद समय और परिस्थिति को ध्यान में रखकर क्षेत्रीय विकास के नाम पर निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने भाजपा सरकार को अपना समर्थन दिया। जिसके समर्थन पर भाजपा ने उन्हें उपकृत कर खनिज निगम का अध्यक्ष बनाया था और गत दिवस उन्होंने भाजपा में टिकिट के आश्वासन पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। जिन्हें आज भाजपा ने अपनी पांचवी सूची में वारासिवनी विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है।
बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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