Balaghat: वैक्सीन को लेकर गर्भवती महिलाओं में दिखा उत्साह, 672 महिलाओं को लगा कोवैक्सिन का पहला डोज

बालाघाट (Balaghat) में भी गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई। जिसमें शुरूआत में ही कोरोना से बचाव को लेकर गर्भवती महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैक्सीनेशन करवाया।

बालाघाट, सुनील कोरे। नेशनल टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाईजेशन की गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने की सिफारिश को स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) द्वारा मंजूरी दिये जाने के बाद गर्भवती महिलाओं (pregnant womens) के वैक्सीनेशन (vaccination) की शुरूआत हो गई है। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में 23 जुलाई को गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई। प्रदेश के बालाघाट (Balaghat) में भी गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई। जिसमें शुरूआत में ही कोरोना से बचाव को लेकर गर्भवती महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैक्सीनेशन करवाया।

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बालाघाट जिला चिकित्सालय सहित सिविल अस्पताल वारासिवनी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैहर, बिरसा, कटंगी, किरनापुर, खैरलांजी, लालबर्रा, लांजी, परसवाड़ा, रामपायली में शुरूआत में ही 18 प्लस की 672 महिलाओं को को-वेक्सिन का पहला डोज लगाया गया है। जिनका दूसरा डोज आगामी 28 दिनों बाद लगाया जायेगा। वेक्सीनेशन के बाद गर्भवती महिलाओं को कुछ देर आर्ब्जवेशन में रखा गया। हालांकि सभी वेक्सीनेट गर्भवती महिलाओं में किसी प्रकार से कोई समस्या देखने को नहीं मिली।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि प्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 18 से 44 वर्ष आयु तक की गर्भवती महिलाओं को वेक्सीनेशन की शुरूआत 23 जुलाई को जिले में की गई। जिसमें बालाघाट जिला चिकित्सालय में 18, वारासिवनी सिविल अस्पताल में 131, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामपायली में 47, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैहर में 30, बिरसा में 60, कटंगी में 80, किरनापुर में 110, खैरलांजी में 9, लालबर्रा में 60, लांजी में 81 और परसवाड़ा में 46 गर्भवती महिलाओं को कोवैक्सिन का पहला डोज लगाया गया।

गर्भवती महिलाओं में वैक्सीन को लेकर दिखा उत्साह
कोरोना की दूसरी लहर में गर्भवती महिलाओं पर भी कोरोना का प्रभाव पड़ा था। आईसीएमआर की एक स्टडी में यह बात सामने आई थी कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों को जन्म दे चुकी महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरित असर पड़ा है। उनमें गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था। जिसका भ्रुण पर असर होने की आशंका थी। स्टडी में कोविड संक्रमित महिलाओं में प्रीमेच्योर डिलीवरी का खतरा भी सामने आया था। इस स्टडी के बाद यह बात साफ हो गई थी कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी वेक्सीनेशन बेहद जरूरी है। नेशनल टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाईजेशन की गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने की सिफारिश को मंजूर किये जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण की शुरूआत 23 जुलाई से प्रदेश में हो गई है। बालाघाट में गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण की शुरूआत को लेकर स्वयं और गर्भस्थ शिशु को कोरोना महामारी से बचाने के लिए वैक्सीन लगवाने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं की वैक्सीन लगवाने की मौजूदगी उनकी जागरूकता को प्रदर्शित कर रही थी।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप का कहना है कि प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 23 जुलाई को बालाघाट जिले में भी गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने की शुरूआत हो गई है। वैक्सीन की शुरूआत में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल वारासिवनी और जिले के ब्लॉको में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रातः 9 से शाम 6 बजे तक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। पहले ही दिन जिले के सभी जगहों पर 18 प्लस की 672 गर्भवती महिलाओं को को-वैक्सिन का पहला डोज लगाया गया है।

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