नाबालिग को बंधक बनाकर करते थे आरोपी दुष्कर्म, एक आरोपी गिरफ्तार, बाकि की तलाश कर रही पुलिस

बालाघाट, सुनील कोरे

नाबालिग लड़की को प्रलोभन देकर उसके साथ 5 दिनों तक गैंगरेप करने के आरोपी 33 वर्षीय मोनु उर्फ निशांत पिता मुन्नुलाल सोनी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि साथी आरोपी गर्रा निवासी गोलु उर्फ रानू कसार फरार है। जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। गैंगरेप के आरोपी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 3 हजार रूपये का ईनाम भी घोषित किया गया था।

इस तरह करते थे पीड़िता के साथ दुष्कर्म

गैंगरेप के आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी के गिरफ्तार होने के बाद कंट्रोल रूम में घटना और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपालसिंह महोबिया ने प्रेस से चर्चा कर जानकारी दी। इस दौरान प्रभारी सीएसपी अपूर्व भलावी, डीएसपी श्री कश्यप, थाना प्रभारी मंशाराम रोमड़े मौजूद थे।घटनाक्रम के अनुसार 17 मार्च को पड़ोस में रहने वाली नाबालिग लड़की को आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी प्रलोभन देकर अपने साथ घुमाने के बहाने लेकर गया था। जिसके बाद आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी, गर्रा में वैनगंगा नदी के किनारे रानू कसार की झोपड़ी में नाबालिग को मारपीट कर जान से मारकर वैनगंगा नदी में फेकने की धमकी देकर उसके साथ बारी-बारी से आरोपी मोनु उर्फ निशांत एवं गोलु उर्फ रानु ने सामूहिक दुष्कर्म किया।

गर्रा में वैनगंगा नदी किनारे बनी झोपड़ी में नाबालिग से किया गैंगरेप

17 मार्च से 22 मार्च तक आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी और उसके साथी गोलु उर्फ रानू कसार ने नाबालिग लड़की को गर्रा में वैनगंगा नदी के किनारे एक झोपड़ी में रखा और पांच दिनों तक उसके साथ जबरदस्ती सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला कायम कर नाबालिग की पतासाजी कर रही पुलिस ने 23 मार्च को बालिका को दस्तयाब किया। जिसके बाद पीड़िता ने अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी पुलिस को दी। जिसमें पुलिस ने आरोपी वार्ड नंबर 10 निवासी मोनु उर्फ निशांत पिता मुन्नुलाल सोनी और गर्रा निवासी गोलु उर्फ रानू कसार के खिलाफ विभिन्न धाराओं और पॉस्को एक्ट के तहत आरोपियों पर मामला कायम कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

रक्षाबंधन में घर पहुंचने पर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी मोनु

पीड़िता नाबालिग से उसके साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी मिलने के बाद संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर कोतवाली पुलिस मामले की विवेचना कर रही थी। जिसमें पुलिस गैंगरेप के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस दौरान कोतवाली पुलिस सायबर सेल के माध्यम से आरोपी की मिल रही कॉल डिटेल के आधार पर लालबर्रा, परसवाड़ा, बैहर, मंडला में उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी लेकिन हर बार लोकेशन बदल रहा आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पा रह थी। इसी दौरान गत 2 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी, अपने घर रक्षाबंधन पर्व मनाने पहुंचा है। जिसके बाद पुलिस ने सूचना की तस्दीक कर आरोपी मोनु उर्फ निशांत सोनी को पकड़ने योजनाबद्व तरीके से घर की घेराबंदी आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। जिसके पास से नाबालिग को घर से बहाने से ले जाने में प्रयुक्त की गई मोटर सायकिल को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। इसके बाद पुलिस इसके साथी गैंगरेप के दूसरे आरोपी गोलु उर्फ रानु कसार की तलाश कर रही है जो फरार है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गैंगरेप के आरोपी को गिरफ्तार करने में कोतवाली थाना प्रभारी मंशाराम रोमड़े, पीएसआई दीपिका सिंगौर, प्रधान आरक्षक अनिल बिसेन, भूमेश्वर वामनकर, रामकिशोर राहंगडाले, आरक्षक शैलेष गौतम, गजेन्द्र माटे, रवि गोरिया, पवन उईके, नितिन घोरमारे और कुंदन नगपुरे का सराहनीय योगदान रहा।