बाल विमर्श में बच्चों से बोले एसपी, ‘जो छुपकर किया जाए वही होता है गलत कार्य’

भिण्ड जिले में रविवार को बाल विमर्श में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बच्चों को जीवन कौशल और अनुशासन का पाठ पढ़ाया।

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। जिले में केशव स्मृति सेवा न्यास द्वारा आयोजित बाल विमर्श के चौथे दिन बच्चों की जिज्ञासाओं का उत्तर देने के लिए जिले के एसपी मनोज कुमार सिंह जुड़े। एसपी के द्वारा बच्चों को जीवन जीने की कला और अनुशासन का पाठ सिखाया गया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य को छुपकर किया जाए वही कार्य गलत होता है।

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शनिवार को आयोजित बाल विमर्श कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्र समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सोलंकी के द्वारा की गई। अतिथि परिचय बाल विमर्श कार्यक्रम के संयोजक मनीष ओझा के द्वारा कराया गया। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने गूगल मीट के माध्यम से जुड़े बच्चों को समझाइश देते हुए कहा कि यदि आपके बड़े कोई गलत कार्य करते हैं तो उन्हें अवश्य रोकें। जैसे कि अगर पापा जी बिना हेलमेट के निकलते हैं या तंबाकू खाते हैं तो उन्हें आप को रोकना चाहिए। वर्तमान समय में यदि कोई भी आपको बिना मास्क लगाए दिखाई दे तो उसे भी टोकना आपका कर्तव्य है और आप भी स्वयं बाहर बिना मास्क लगाए ना निकले।

बच्चों ने खुलकर पूछे सवाल

अभिनेंद्र प्रताप नामक छात्र ने पुलिस अधीक्षक से पूछा कि जैसे शासन प्रशासन और आप अच्छा काम कर रहे हो वैसा काम हम कैसे कर सकते हैं? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री सिंह ने कहा कि आपकी उम्र अभी पढ़ाई की है अगर आपको आगे बढ़ना है पढ़ाई में होशियार होना है तो आप जिस क्लास में हैं आपको उतने ही घंटे पढ़ाई करनी चाहिए। पढ़ाई ब्रेक देकर करना चाहिए। जैसे कि आपने 1 घंटे पढ़ लिया तो उसके बाद 10 मिनट आराम करके आगे की पढ़ाई करें और जो भी पढ़ें फ्यूचर की प्लानिंग के साथ ही पढ़ें। जब मंथन यादव ने पूछा कि आईपीएस कैसे बने तो उन्होंने कहा कि बीते रोज आपने यह सवाल अपने कलेक्टर महोदय से पूछा था और जवाब भी प्राप्त कर लिया था। छात्र अभिनव ने कहा कि पुलिस का राउंड मुख्य सड़कों पर तो होता है लेकिन गलियों में नहीं, इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे जिले की 20 लाख की जनसंख्या है और हमारे पास केवल 1400 पुलिसकर्मी है। ऐसे में हमें उन्हीं से काम चलाना पड़ता है। लेकिन पुलिस की नजर गलियों पर भी रहती है। एक छात्र ने सवाल कर दिया कि सिंध नदी में पनडुब्बियों से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है इसके जवाब में पुलिस कप्तान ने कहा कि वैसे तो इसे रोकने का कार्य माइनिंग विभाग का है। रेत के खनन से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है हां यह सच है इस सरकार को अपनी खनन नीति में कुछ परिवर्तन करना चाहिए। अंशुमान नामक एक छात्र ने कहा कि बाल अपराध कैसे रोके जाएं और सब बच्चे अपराध करने वालों से कैसे बचें? इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि बच्चों को सदैव अलर्ट मोड में रहना चाहिए यदि आप चौकन्ने और सावधान रहेंगे तो आपको कोई भी परेशान नहीं कर पाएगा। एक प्रश्न के जवाब में पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि पुलिस प्रयास कर रही है कि हमारा परिवेश नशा मुक्त बने। इसके लिए भिंड पुलिस लगातार कार्य रही है। कार्यक्रम के अंत में बाल विमर्श परिवार के सदस्य महेंद् सोनी के द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

बच्चों ने सुनाए गीत और कविता

बाल विमर्श कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह की जुड़वा बेटियां नव्या और भव्या भी बच्चों से जुड़ी और फिर उन्होंने – लड़ने चली हूं मैं आजादी की जंग… गीत बच्चों को सुनाया। गीत को सुनकर गूगल मीट के माध्यम से जुड़े बच्चों ने नव्या और भव्या के लिए खूब तालियां बजाईं। कार्यक्रम के शुभारंभ में अभिनव और ओम वसुधा ने भी अच्छी और रोचक कविता सुनाई।

रविवार को बाल विमर्श से जुड़ेंगे सीएमएचओ और डीईओ

बाल विमर्श कार्यक्रम के पांचवें दिन जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ अजीत मिश्रा और जिला शिक्षा अधिकारी हरिभुवन सिंह तोमर बच्चों से जुड़ेंगे और उनके प्रश्नों का समाधान करेंग। कार्यक्रम के समापन दिवस यानि सोमवार को प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद सिंह भदौरिया जिले के बच्चों के साथ बाल विमर्श करेंगे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे।