सिंधिया के सिपहसालार के पत्र पर कमिश्नर ने लिया संज्ञान, कलेक्टर को नोटिस

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भिण्ड। गणेश भारद्वाज।
जिला खनिज अधिकारी आर पी भदकारिया के खिलाफ भिण्ड विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे डॉ रमेश दुबे ने रेत के अवैध उत्खनन और सरकार के राजस्व की चोरी को उजागर करते हुए ,सिन्ध नदी को बचाने के लिए जो पत्र लिखे गए थे और उनसे सम्बंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों औऱ सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के सम्बंध में संज्ञान लेकर चम्बल सम्भाग आयुक्त  आर के मिश्रा ने कलेक्टर भिण्ड को पत्र लिख कर 3 दिन जांच करके प्रतिवेदन भिजवाने का निर्देश दिया है।

ज्ञात रहे कि डॉ रमेश दुबे ने रेत उत्खनन की पावर मेक कम्पनी और जिला खनिज अधिकारी द्वारा कोर्ट के आदेश के आने से पहले तक बिना ग्रीन ट्रिब्यूनल की अनुमति के भिण्ड जिले की सीमा में सिन्ध नदी का रेत मशीनों से खोदने और तमाम अनियमितता करके सरकार को राजस्व राशि का चूना लगाने तथा किसानों की खेती उजाड़ कर रेत निकालने का भंडाफोड़ करते हुए प्रदेश के मुख्य मंत्री  शिवराज सिंह और भाजपा के नेता पूर्व केंद्रीयमंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिख कर शिकायत की थी ।।साथ ही शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भिण्ड जिले के बिगड़ते हालतों से अवगत कराया था।

 

डॉ रमेश दुबे ने इस संबंध में खुलासा करते हुए बताया है कि एनजीटी के सभी नियमों को भिंड जिले में ताक पर रखकर सिंध नदी को खोखला करके नदी किनारे की खेती किसानी की जमीन को भी रेत माफिया बर्बाद करने में लगा है| इसके अलावा रेत के परिवहन में रॉयल्टी के नाम पर जो स्कैन पेपर ट्रक डंपर और ट्रैक्टर ओके लिए दिया जा रहा है | इस स्कैन पेपर पर जो ईटीपी नंबर है वह केवल पावर मेक के निजी नंबर पर ही देखा जा सकता है जबकि ऑनलाइन रॉयल्टी की कोई भी पर्ची ईटीपी नंबर द्वारा देश भर में कहीं भी मोबाइल पर इंटरनेट से देखी जा सकती है | जबकि भिंड में दी जा रही पर्चियां पूरी तरह फर्जी है यह सिर्फ पावर में कंपनी के मोबाइल पर ही खुलती है |

डॉ रमेश दुबे ने बताया है कि पावर मेक कंपनी के द्वारा लोकल रेत माफिया और जिला खनिज अधिकारी आरके भादकारिया की पार्टनरशिप में पूरे भिंड जिले में सिंध नदी जहां जहां से निकली है उसके घाटों से रेत निकाला जा रहा है जबकि इन्हें इसकी किसी प्रकार की अनुमति नहीं है | डॉक्टर दुबे ने बताया है कि ऐसा ज्ञात हुआ है भिंड जिले में सिंध नदी के महज 2 स्थानों पर कंपनी को रेत खनन की अनुमति मिली थी जिसके लिए कंपनी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की अनुमति लेनी थी लेकिन बिना अनुमति लिए कंपनी ने पूरी सिंध नदी भिंड जिले की सीमा में खोद डाली नदी किनारे की खेत भी रेत निकाल कर खोखले कर दिए | रमेश दुबे ने लिखित दोनों पत्रों में सभी जानकारियां देकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया से मांग करते हुए आग्रह किया है की पावर में कंपनियों के मालिकों के खिलाफ जिला प्रशासन एफ आई आर दर्ज कराएं एवं जिला खनिज अधिकारी आरपी भदकारिया को तत्काल पद से बर्खास्त करके इनसे प्रदेश के करोड़ों रुपए के राजस्व की जो हानि हुई है उसे वसूल किया जाए|

 

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