एडीजी मीणा मामले में नया मोड़, शिकायत वापस ली

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भोपाल| एडीजी जेल गाजीराम मीणा द्वारा फरियाद लेकर पहुंचे लोगों से मारपीट में मामले में नया मोड़ आ गया है| आरोप लगाने वालों ने मंगलवार को अपनी शिकायत वापस लेते हुए समझौते के तौर पर कहा है कि उन्हें गलत फहमी हो गई थी| वह जिन्हे एडीजी मीणा का रिश्तेदार समझ रहे थे, वह कोई दीगर निकला| मामला जमीन पर अवैध कब्जा करने को लेकर था| एडीजी जेल गाजीराम मीणा पर एक जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने वालों की शिकायत करने वाले फरियादी को केस से हटने के लिए दबाव बनाने और फर्जी मुकदमें में फंसाने के आरोप लगे थे। यह आरोप भोपाल के एक युवक ने लगाए थे। मामले की लिखित शिकायत थाना जहांगीराबाद सहित डीजीपी और गृह मंत्री से की गई थी। वहीं खानूगांव के सैफ कादर और उसके साढ़ू भाई कामरान उल्लाह पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के पास शिकायत लेकर पहुंचे थे|  अजय सिंह ने इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। 

सोमवार को सैफ कादर पुत्र अनीस कादर निवासी मकान नंबर 1880 न्यू कॉलोनी खानू गांव ने आरोप लगाया था कि उनके पिता ने वर्ष 1982 ग्राम करोंदकला में लालाराम नाम के व्यक्ति से खरीदी थी। उक्त जमीन की सुरेश मीणा, वरूण मीणा व अन्य साथियों ने नीलेश खटीक नाम के व्यक्ति के रजिस्ट्री जबरिया करा दी। इस बात की भनक लगने के बाद में जब फरियादी ने सरेश मीणा से संपर्क किया तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू किया। फरियादी ने जब शिकायत करने की बात की तो सुरेश ने उन्हें धमकी दी की वह एडीजी जेल गाजीराम मीणा के रिश्तेदार हैं। जमीन के मामले में पड़े तो फर्जी केस लगवा दिया जाएगा। जेल में भिजवाकर तुमहारी हत्या करा दी जाएगी। सैफ का आरोप था कि एडीजी मीणा ने भी उन्हें एक बार आफिस में बुलाकर धमकाया था। जमीन नहीं छोडऩे के एवज में परेशानी में आने की बात कही थी। सैफ का कहना था कि इस मामले की शिकायत करने जब वह डीजी जेल संजय चौधरी के पास पहुंचे तो उन्होंने सैफ की बात सुनने के बाद में उन्हें एडीजी मीणा के केबिन में भेज दिया। वहां फिर उन्हें धमकाया गया। इसके बाद में उन्होंने थाना जहांगीराबाद में पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की। शिकायत की प्रति डीजीपी, गृह मंत्री सहित अन्य अधिकारियों दी गई है।