MP की उपलब्धि, केंद्र सरकार की इस योजना में मिला प्रथम स्थान, ढाई महीने पहले ही लक्ष्य पूरा

Atul Saxena
Updated on -

MP News : मध्य प्रदेश ने एक बार फिर उपलब्धि हासिल की है, केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना (PM Swanidhi Yojana) में ढाई महीने पहले ही लक्ष्य को पूरा कर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश द्वारा 6 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना से स्व-रोजगार, स्व-रोजगार से स्वाबलंबन एवं स्वाबलंबन से स्वाभिमान के पथ पर अग्रसर किया गया है। मध्य प्रदेश योजना में प्रथम और द्वितीय चरण के क्रियान्वयन में देश में प्रथम है।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि पीएम स्वनिधि योजना (PM Swanidhi scheme) के तीनों चरणों में अभी तक 7 लाख 8 हजार 255 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 6 लाख 47 हजार 951 हितग्राहियों बैंकों द्वारा ऋण वितरित किये जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा योजना प्रथम चरण में प्रदेश को 5 लाख 20 हजार पथ विक्रेताओं को 31 मार्च 2023 तक लाभ देने का लक्ष्य दिया गया था। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति 31 मार्च के ढाई माह पूर्व जनवरी में ही लक्ष्य को प्राप्त करते हुए 5 लाख 20 हजार 187 पथ विक्रेताओं को 10-10 हज़ार रुपये की ब्याज मुक्त कार्यशील ऋण पूँजी प्रदान कर दी गयी है। यह राशि शहरी क्षेत्र के पथ विक्रेताओं को DBT के माध्यम से बैंक खाते में अंतरित की गयी है।

योजना के द्वितीय चरण में बैंकों द्वारा एक लाख 57 हजार 158 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 1 लाख 23 हजार 261 आवेदकों को 20-20 हजार रूपये उनके बैंक खातों में अंतरित किये जा चुके हैं। तृतीय चरण में बैंकों द्वारा 5 हजार 281 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 4 हजार 503 आवेदकों को 50-50 हजार रुपये ब्याज मुक्त ऋण उनके बैंक खातों में जमा करवा दी गई है।

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि योजना में तीन चरणों में क्रमश: 10 हज़ार रुपये, 20 हज़ार रुपये और 50 हज़ार रुपये की ब्याज मुक्त कार्यशील ऋण पूँजी दी जा रही है। प्रदेश के पथ विक्रेताओं के मध्य डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये का कैशबैक भी किया गया है।


About Author
Atul Saxena

Atul Saxena

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

Other Latest News