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भोपाल।

सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पेंशनर्स के लिए थोड़ी राहत की खबर है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार को पत्र लिखा है और सहमति देने की बात कही है। सरकार ने कुल 4 फ़ीसदी महंगाई राहत बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ की सहमति मांगी है। बता दे कि  पेंशनर्स मंहगाई भत्ता ना बढाए जाने से नाराज है। इसके लिए पेंशनर्स एसोसिएशन ने दो दिन पहले सरकार को चेतावनी भी दी है कि जो पेंशनर्स के साथ नहीं, वे भी उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है लोकसभा चुनाव से पहले पेंशनर्स की ये नाराजगी सरकार को भारी ना पड़ जाए, इसलिए सरकार ने ये कदम उठाया है।हालांकि देश में आचार संहिता लागू हो चुकी है अब इसका फैसला लोकसभा चुनाव के बाद ही होगा।

दरअसल, मध्य प्रदेश के पेंशनर्स को 4 फ़ीसदी महंगाई राहत का भुगतान करने के लिए वित्त मंत्री तरुण भनोट ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है।वित्त मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश के पेंशनर्स का 1 जनवरी और 1 जुलाई 2018 से 22 फीसदी महंगाई राहत बकाया है।वित्तमंत्री ने कुल 4 फ़ीसदी महंगाई राहत बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति मांगी है। चुंकी मध्य प्रदेश के पेंशनर्स को 4 फ़ीसदी महंगाई राहत देने के लिए  छत्तीसगढ़ की सहमति जरुरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक मध्य प्रदेश को पेंशनर्स का डीए बढ़ाने की सहमति नहीं दी है। इसके कारण राज्य सरकार कोई फैसला नहीं ले पा रही है। प्रदेश के कर्मचारियों का डीए हाल में दो फीसदी बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।प्रदेश के करीब  4.64 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिलना है।देरी के चलते पेंशनर्स में आक्रोश बढने लगा था।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों का दो प्रतिशत डीए बढाकर नौ फीसदी करने के आदेश जारी किए थे, जबकि पेंशनर्स को अभी तक पांच प्रतिशत ही डीए मिल रहा है।जिसके कारण पेंशनर्स में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया है। जबलपुर में पेंशनर्स प्रदर्शन कर चुके हैं और भोपाल में इसकी तैयारी चल रही है। पेंशनर्स एसोसिएशन ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि बीते साल शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में हुई पेंशनर्स पंचायत में ऐलान किया था। इसके बाद भी वित्त विभाग ने खजाने की हालात का हवाला देते हुए इसे क्रियान्वित नहीं किया।पेंशनर्स ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ इस उम्मीद के साथ दिया था कि उनके साथ न्याय होगा। वचन पत्र में भी पार्टी ने इसका जिक्र किया है। अब कांग्रेस सरकार बनने के बाद पेंशनर्स को उम्मीद थी कि लंबित डीए के साथ सातवें वेतनमान के एरियर को लेकर भी सरकार फैसला करेगी लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हुआ। जल्द इस पर फैसला ना लेने पर पेंशनर्स ने सरकार को  चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो पेंशनर्स के साथ नहीं, वे भी उनके साथ नहीं हैं। इसके बाद सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिख मंहगाई भत्ता बढाने की सहमति मांगी है।