हैकर का दावा: MP चुनाव जीतने के लिए BJP ने की थी हैकिंग की कोशिश!

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भोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत के लिए ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी। ये दावा एक अमेरिका में शरण लिए भारतीय हैकर ने सोमवार को किया। इस खुलासे के बाद से देश की राजनीति में हंगामा मच गया है। कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग ने इस बारे में जांच के लिए कहा है। यही नहीं हैकर ने दावा किया है कि 2014 में प्रचंड बहुमत से बनी मोदी सरकार भी हैकिंग के दम पर सत्ता में आई थी। 

दरअसल, सोमवार को भारतीय मूल के अमेरिकी हैकर सैयद शुजा ने लंदन में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एक ऐसा खुलासा किया है जिससे केंद्रीय राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। शुजा ने अमेरिका से लंदन में एक मीडिया कांफ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया है कि ईवीएम हैकिंग के लिए उनसे भारत की कई राजनीतिक पार्टियों ने संपर्क किया था। इनमें बीजेपी समेत 13 दल के नाम उन्होंने लिए हैं। 

स्काईप के जरिये लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शख्स ने दावा किया कि 2014 में वह भारत से पलायन कर गया था क्योंकि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने की घटना के बाद वह डरा हुआ था। शख्स की पहचान सैयद शुजा के तौर पर हुई है। हैकर ने यह भी कहा कि भाजपा ने राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी टीम ने ट्रांसमिशन हैक करने की भाजपा की कोशिश को विफल कर दिया। इसका नतीजा है कि कांग्रेस चुनाव जीत गई। अन्यथा इस बार भी भाजपा ही इन तीनों राज्यों में चुनाव जीतती।

हैकर शुजा ने दावा किया कि टेलीकॉम क्षेत्र की बड़ी कंपनी रिलायंस जियो ने कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल पाने में भाजपा की मदद की थी ताकि ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सके। उसने बताया कि भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में चुनाव जीत जाती अगर उनकी टीम इन तीनों राज्यों में ट्रांसमिशन हैक करने की भाजपा की कोशिश में दखल नहीं दिया होता। यह विस्फोटक और धमाकेदार खुलासा बड़े खुफिया अंदाज में किया गया, हालांकि इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी। उन्होंने दावा किया कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की टीम का हिस्सा थे जिसने ईवीएम मशीन का डिजाइन तैयार किया था। वह भारतीय पत्रकार संघ (यूरोप) की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे। हालांकि वह स्काईप के जरिये पर्दे पर ही नजर आये और उनके चेहरे पर नकाब था।

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती और इसके कार्यप्रणाली पर एक विशेषज्ञ समिति नजर रख रही है। अरोड़ा ने कहा कि सिस्टम को लेकर कोई संदेह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम की पूरी कार्यप्रणाली पर उच्च प्रशिक्षित योग्य तकनीकी समिति नजर रखे हुए है। इससे पहले कई दल ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगा चुके हैं और मतपत्र से चुनाव की मांग कर चुके हैं। लंदन में कार्यक्र में शुजा ने दावा किया कि उन्होंने 2009 से 2014 तक ईसीआईएल में काम किया था।