Bhopal News : स्नेह निगम को मिला वुमन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "इंडिया फर्स्ट स्टार्टअप मिशन" कार्यक्रम का उद्घाटन किया। स्नेह को ये सम्मान कई मशहूर हस्तियों की मौजूदगी में मिला। यह उद्यमिता और नवाचार साथ के प्रति उनके समर्पण और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करता है।

Amit Sengar
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Bhopal News : भोपाल की एक युवा बिज़नेस वुमन स्नेह निगम को दिल्ली के भारत मंडपम प्रगति मैदान में आयोजित एशिया के सबसे बड़े स्टार्टअप कार्यक्रम, स्टार्टअप महाकुंभ में “वुमन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड 2024” से सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “इंडिया फर्स्ट स्टार्टअप मिशन” कार्यक्रम का उद्घाटन किया। स्नेह को ये सम्मान कई मशहूर हस्तियों की मौजूदगी में मिला। यह उद्यमिता और नवाचार साथ के प्रति उनके समर्पण और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करता है।

समाज को सुंदर और खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रहा है “माइंडकैफ़े”

स्नेह निगम ने स्टार्टअप, माइंडकैफे की शुरुआत 2022 में की। माइंडकैफ़े मेंटल हेल्थ की क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर रहा है। माइंडकैफे ने अपने ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से 10 हज़ार से अधिक लोगो को मेंटल हेल्थ संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद की है। माइंडकैफे ने अपने एम्प्लोयी वेलबिंग प्रोग्राम्स के द्वारा टाटा स्टील, ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे और रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। माइंडकैफ़े की कोशिश है कि समाज को एक ख़ुशहाल जगह प्रदान करे जहाँ लोग सुरक्षित महसूस कर सकें और अपने भीतर शांति का अनुभव कर सकें।

समाज की गलत धारणाओं के कारण मदद लेने से कतराते हैं लोग

मानसिक स्वास्थ्य आज के समय में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो भारतीय और वैश्विक दोनों ही संदर्भों में अत्यंत प्रासंगिक है। वर्ल्ड में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और इन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। इंडिया में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में बहुत सारी भ्रांतियाँ और अज्ञानता है। भारतीय समाज में मानसिक बीमारियों के प्रति कई पूर्वाग्रह हैं, लोग इसे कमजोरी या पागलपन का संकेत मानते हैं। जिससे लोग मदद लेने से कतराते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में लगभग 7.5% आबादी किसी न किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। इनमें से अवसाद और चिंता (depression and anxiety) सबसे आम हैं। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2015-16) के अनुसार, भारत में हर छठा व्यक्ति अपने जीवनकाल में किसी न किसी मानसिक समस्या का सामना करता है। यह भी पाया गया कि भारत में लगभग 200,000 लोग हर साल आत्महत्या करते हैं, जो वैश्विक आंकड़ों का 17.5% है। वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य एक चिंतनीय विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 26 करोड़ 40 लाख लोग दुनिया भर में अवसाद से पीड़ित हैं। इसके अलावा, हर साल लगभग 800,000 लोग आत्महत्या करते हैं, जो एक बड़ी चिंता का विषय है। अमेरिका में लगभग 20% आबादी किसी न किसी मानसिक रोग से पीड़ित है। यूरोप में 25% लोग किसी न किसी मानसिक समस्या का सामना कर रहे हैं।

Bhopal News : स्नेह निगम को मिला वुमन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड

 

स्वस्थ और खुशहाल समाज के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता और जागरूकता आवश्यक

आज मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार किया जाना आवश्यक है। सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों की पहचान करने और उनका समाधान करने के प्रयास किये जाने चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसे भारतीय और वैश्विक दोनों संदर्भों में गंभीरता से लेने और आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में अपना योगदान देना चाहिए ताकि एक स्वस्थ और खुशहाल समाज का निर्माण हो सके।


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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