नीमच जेल ब्रेक मामले में बड़ी कार्रवाई, चार प्रहरी बर्खास्त

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भोपाल/नीमच | नीमच जेल ब्रेक काण्ड में बड़ी कार्रवाई की गई है| जेल से चार कैदियों को भगाने की साजिश में शामिल तीन जेल प्रहरियों और एक को गंभीर लापरवाही बरतने पर बर्खाश्त कर सेवा समाप्त कर दी गई है| सर्किल जेल अधीक्षक आरआर डांगी ने बर्खास्तगी के आदेश बुधवार को जारी कर दिए। वहीं चार कैदियों में से एक पकड़ा जा चुका है, वहीं तीन फरार कैदियों की तलाश में जारी है, इस काम में इनकी तलाश में करीब 8 टीमें लगी है। 

जानकारी के मुताबिक नीमच की कनावटी जिला जेल ब्रेक मामले में प्रहरियों की भूमिका भी सामने आने पर तीनों को पुलिस ने पिछले दिनों गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय के आदेश पर विजेंद्र को उज्जैन, ईश्वरलाल को रतलाम और पंकित को भोपाल जेल भेजा है। प्रहरी बालमुकुंद लबाना की गंभीर लापरवाही बरतने पर सेवा समाप्त की गई है। इस मामले में पुलिस अब तक एक कै दी, तीन प्रहरी सहित करीब आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन कैदी सहित सात आरोपितों की तलाश की जा रही है। इनकी तलाश में करीब 8 टीमें लगी है। जेल ब्रेक करने वाला मास्टर माइंड विनोद डांगी को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

सर्किल जेल अधीक्षक आरआर डांगी ने बर्खास्तगी के आदेश बुधवार को जारी कर दिए। जेल प्रशासन की जांच में पता चला था कि प्रहरी विजेंद्रसिंह धाकड़, ईश्वरलाल रामपुरी, पंकित शर्मा ने रुपए लेकर कैदियों की भागने में मदद की थी। तीनों के बैंक खातों में कैदियों के परिजन और अन्य लोगों ने साढ़े सात लाख रुपए जमा कराए थे।  सर्किल जेल अधीक्षक के अनुसार कैदियों को भागने में आरोपित प्रहरियों ने मदद की थी। प्रहरियों ने जेल ब्रेक कराया था। इसके लिए कैदियों के परिजन व अन्य लोगों ने विजेंद्र के बैंक खाते में एक लाख रुपए, ईश्वरलाल के बैंक खाते में साढ़े पांच लाख रुपए और पंकित शर्मा के खाते में एक लाख रुपए जमा करवाए गए थे।