उमा भारती के विवादित बोल, ब्यूरोक्रेसी की क्या औकात, हमारी चप्पल उठाती है

भोपाल, हरप्रीत कौर रीन। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को नेताओं की कृपा पर चलने वाला बताकर कहा है कि ब्यूरोक्रेसी की औकात ही क्या है! ब्यूरोक्रेसी हमारी चप्पल उठाती है।
आरक्षण के मुद्दे पर बातचीत करने ओबीसी वर्ग के लोगों से बात करते हुए उमा भारती ब्यूरोक्रेसी पर भड़क गई। उन्होंने लोगों से कहा कि दरअसल ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं करती। जो कुछ करते हैं, नेता करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी है क्या! यह तो हम लोगों की यानी राजनेताओं की चप्पल उठाती है। उन्होंने कहा कि आपको लगता होगा कि ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। नेता अकेले में ब्यूरोक्रेसी के समझाने से राजी हो जाता है। मैं तो 11 साल मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रही हूं। पहले अकेले में बैठ कर बात होती है। बाद में फाइल तैयार होती है। ब्यूरोक्रेसी की आखिर औकात क्या है जो हो वह राजनेता को घुमा ले। हम उन्हें प्रमोशन देते हैं, हम उन्हें पोस्टिंग देते हैं। दरअसल राजनेता ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से अपनी राजनीति साधते हैं।

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उमा भारती के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि बीजेपी के ही एक मंत्री के ओमप्रकाश सकलेचा कहते हैं कि ब्यूरोक्रेसी सरकार चला रही है। उमा भारती कहती है कि ब्यूरोक्रेसी चप्पल उठा रही है, जबकि मुख्यमंत्री कहते हैं कि आप लोगों के यानी ब्यूरोक्रेट्स के परिश्रम से ही कोरोना पर काबू पाया गया। आखिर सच क्या है! वहीं कांग्रेस के एक और प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भी बीजेपी से पूछा है कि वह उमा भारती के इस बयान पर स्थिति साफ करें कि क्या वह ब्यूरोक्रेसी का सम्मान करती है या नहीं।

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