आईफा अवार्ड को लेकर तनातनी, संस्कृति मंत्री आयोजन के पक्ष में तो बोले प्रदेश अध्यक्ष ऐसे आयोजन से नहीं सरोकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आईफा अवार्ड को लेकर अब प्रदेश में एक बार फिर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।हालांकि आयोजन होगा या नही इस पर अभी कोई विचार नही हुआ लेकिन बयानबाज़ी जरूर जमकर हो रही है। पहले मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा की राज्य में आईफा अवाॅर्ड हो सकते हैं। मंत्री ऊषा ठाकुर ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश  सरकार हर वह नवाचार चाहती है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़े। रोजगार पैदा हो और नए अवसर सामने आएं। आईफा  कोरोना की स्थितियों के कारण ही यह निरस्त हुआ था। अभी भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। तीसरी लहर की आशंका है। जब स्थितियां अनुकूल होंगी, तब आईफा के आयोजन पर विचार करेंगे।

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अब वही इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वी डी शर्मा का बयान सामनें आया है और बयान भी प्रदेश मंत्री के बयान के एकदम उलट की आईफा अवार्ड जैसी चीजों पर हम विश्वास नही रखते है, हमारा पहला काम कोरोना की महामारी से निपटना था, जिसमे हम सफलता की तरफ बढ़ रहे है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी ने हमे संकल्पित किया है कि देश के अंदर हर बूथ पर 4 हेल्थ वर्कर खड़े करना है। उन हेल्थ स्वयं सेवकों के माध्यम से लोगो की मदद करने का काम हमारे संग़ठन ने लिया। हमारी सरकार तो लगी है। हर बूथ पर हमारे स्वयं सेवक है। डॉक्टरों की चेन है।आईफा अवार्ड के बारे में बीजेपी नही सोचती। सामाजिक काम से लेकर कोरोना से निपटना हमारी प्राथमिकता है। गौरतलब है कि, दो साल पहले कांग्रेस सरकार प्रदेश में आईफा अवॉर्ड कराने जा रही थी, लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने के कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।  ऊषा ठाकुर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती है और इस बार उनके बयानों पर हो रही प्रतिक्रिया को लेकर वह चर्चा में है।