बबूल का पेड़ काटना बन गया कॉलोनीवासियों के लिए सजा

भोपाल। राजधानी भोपाल में एक कॉलोनी के रहवासियों का पानी एक पेड़ के कारण बंद हो गया| बबूल के पेड़ को काटने की कीमत रहवासियों को पानी से चुकानी पड़ रही है| नगर निगम के वार्ड 61 की अम्मा कॉलोनी में रहने वालों पर पेड़ काटने पर निगम अफसरों ने 10हज़ार का जुर्माना लगाया है, साथ ही निगम अफसरों ने साफ तौर पर पूरी कॉलोनी वासियों को निर्देश दिए है कि जब तक जुर्माना नही भरोगे तब तक पीने के पानी की सप्लाई बन्द कर दी गई है| 

दरअसल निगम अफसरों को सूचना मिली थी कि भोपाल के खजूरी कला इलाके में एक 50 साल पुराने हरे भरे पेड़ को लोगों ने बिना अनुमति काट दिया है| शिकायत मिलने पर निगम अफ़सर मौके पर पहुंचें और लोगों से पेड़ काटने की वजह पूछी तो लोगों ने बताया कि बबूल के पेड़ से गिरने वाले कांटों की वजह से पेड़ को काटा है और इसके लिए निगम से कोई अनुमति नही ली है इसमें पूरी कॉलोनी की सहमति से पेड़ काटने की बात सामने आई उसके बाद निगम अफसरों ने पूरी कॉलोनी के लोगों पर 10 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया और हरे भरे पेड़ काटने के स्थान पर नए पौधे लगाने की बात कही साथ ही यह भी कहा गया.. कि जब तक नए पेड़ नही लगाए जाएंगे और जुर्माने के 10 हजार रुपये जमा नही किए जाएंगे… तब तक पूरी कॉलोनी को पीने का पानी सप्लाई नही होगा| अब पूरी कॉलोनी के लोग संकल्प ले रहे है कि वह भविष्य में कभी भी पेड़ नही काटेंगे बल्कि नए पौधे रोपेंगे जिससे प्रकृति को कोई नुकसान न हों| 

पेड़ काटने के बाद अब पूरी कॉलोनी के लोग आसपास की खाली जमीन पर नए पौधे लगाने के लिए एकजुट हो रहें है साथ ही पैसे कलेक्शन करके जल्द से जल्द बन्द हुई पानी की सप्लाई को शुरू करने की भी कोशिश कर रहें है, अब इस कॉलोनी के हर एक व्यक्ति को पेड़ की कीमत और पेड़ काटने पर खुद को कितनी तकलीफ होती है इसका सबक मिल गया है| नगर निगम के इस अनोखे जुर्माने से भोपाल की एक कॉलोनी के लोगों को तो सबक मिल ही गया साथ ही अब यह लोग आसपास के लोगों से भी पेड़ न काटकर नए पौधों को लगाने की बात करते नजर आ रहे है|