भोपाल में तेज हुई चुनावी जंग, जमीन पर उतरे प्रत्याशी, घेराबंदी में जुटी पार्टियां

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भोपाल। लोकसभा चुनाव में भोपाल संसदीय क्षेत्र पर देश-दुनिया की नजर है। मतदान में महज एक हफ्ते का समय शेष हैं, ऐसे में दोनों दलों के प्रत्याशियों ने डोर-टू-डोर संपर्क शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह पिछले तीन दिन से भोपाल में गली-गली घूमकर वोट मांग रहे हैं, वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर आज से गली-गली जाएंगी। चुनाव आयोग ने उन पर तीन दिन का प्रतिबंध लगाया था, जिसकी अवधि आज सुबह पूरी हो गई है। भाजपा ने प्रज्ञा का देर शाम तक का कार्यक्रम जारी किया है। 

भाजपा की प्रत्याशी घोषित होने के तत्काल बाद प्रज्ञा ने विवादित बयान दिए थे, साथ ही पार्टी कार्यकर्ता उत्साह के साथ बाहर नहीं निकले। लेकिन जैसे-जैसे चुनाव की तीरीख नजदीक आती दिख रही है, भाजपा कार्यकर्ता प्रज्ञा के लिए जमीन पर उतर रहे हैं। तीन दिन की प्रतिबंध अवधि में प्रज्ञा जहां मंदिर-मंदिर पहुंची, जबकि भाजपा नेताओं ने उनके समर्थम में ताबड़तोड़ सभाएं की। खास बात यह है कि इन सभाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं की फौज उमड़ी। वहीं इधर दिग्विजय सिंह के साथ भोपाल की गलियों में कांग्रेसियों का हुजूम उमड़ रहा है। पार्टी नेता शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर डोर-टू-डोर संपर्क कर रहे हैं। 


प्रज्ञा के लिए वार्ड में उतरे रामलाल 

भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा और संघ की प्रतिष्ठा जुड़ गई है। यही वजह है कि प्रदेश की 29 सीटों में से भाजपा हाईकमान का सबसे ज्यादा फोकस भोपाल सीट पर है। यहां 4 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, प्रभात झा को उतारा है। सहस्त्रबुद्धे प्रदेश के प्रभारी है, लेकिन वे अभी तक के चुनाव में भोपाल से बाहर अन्य किसी सीट पर नहीं गए। इसी तरह राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल खुद भोपाल चुनाव में संगठन की नब्ज टटोल रहे हैं। उन्होंने वार्ड स्तर के पदाधिकारियों से चर्चा कर चुनाव का फीडबैक लिया है। 

मंदिर-मंदिर साध्वी

चुनाव आयोग द्वारा  72 घंटे के प्रतिबंध के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर मंदिर-मंदिर पहुंंची। उनके साथ  समाजसेवी महिलाएं भी मंदिर में भजन-कीर्तन करने पहुंची। इसी दौरान राजधानी के मंदिर में प्रज्ञा के साथ भजन करती महिलाएं नजर आईं।