MP में चार गुना अधिक वसूला जा रहा है टोल, करोड़ों की रिश्वत लेकर लेबड जावरा टोल रोड की बढ़ाई अवधि : विधायक प्रताप ग्रेवाल

टोल रोड की अवधि तय करने में हुआ भारी भ्रष्टाचार, 3 से 5 गुना टोल वसूलने के बाद भी 2033 से 2038 तक टोल वसूला जाएगा

Amit Sengar
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MP News : मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में टोल टैक्स की वसूली का मुद्दा कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वसूली हो रही है, उससे लगता है कि सरकार जनता के लिए नहीं, ठेकेदारों के लिए है। आगे कहा कि प्रतिवर्ष 10 से 15 प्रतिशत टोल राशि भी बढ़ाई जा रही है जो समझ से परे है। इस सवाल का जवाब लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दिया है।

करोड़ों की रिश्वत लेकर लेबड जावरा टोल रोड की बढ़ाई अवधि

कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि लेबड जावरा टोल रोड पर लागत का 4 गुना गुना टोल वसूला जा रहा है साथ ही करोड़ों की रिश्वत लेकर टोल कलेक्शन की अवधि 5 साल बढ़कर 27 अप्रैल 2038 तक कर दी गई। जिस का जवाब लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने देते हुए बताया कि अनुबंध की धारा 29.1 के तहत टोल कलेक्शन की अवधि में 5 वर्ष की वृद्धि की गई है। यह भी स्वीकार किया कि इस धारा का उल्लेख सिर्फ लेबड जावरा के अनुबंध में ही था शेष अन्य टोल रोड के अनुबंध में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। तथा उनमें वृद्धि की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है।

आगे विधायक ग्रेवाल ने सवाल किया कि पूर्व में 13 जुलाई 2023 में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में बताया गया था कि फीजिबिलिटी रिपोर्ट में दिए गए भविष्य के यातायात के आंकड़े का संभागायुक्त द्वारा परीक्षण किया जाता है। अतः उस परीक्षण की रिपोर्ट की प्रति नहीं दी। मंत्री ने इसके जवाब में कहा कि परीक्षण की कोई भी नोट शीट नही बनाई जाती तथा किसी प्रकार का कोई प्रमाण पत्र भी नहीं दिया जाता है। आगे उन्होंने बताया कि जावरा नयागांव टोल रोड पर अभी तक 2070 करोड़ टोल कलेक्शन हो चुका है जो लागत का 5 गुना है, तथा भोपाल देवास मार्ग पर 1342 करोड़ टोल कलेक्शन हो चुका है जो लागत का चार गुना है। तथा यह दोनों टोल रोड पर क्रमशः मई 2033 तथा अक्टूबर 2033 तक टोल वसूला जाएगा।

प्रताप के बाद द्वारा यह पूछने पर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट में अगर दिए गए आंकड़े वास्तविक आंकड़ों से कई गुना कम हो तो क्या टोल अवधि के बारे में पुन परीक्षण किया जाएगा। मंत्री ने कहा की नहीं। विधायक ग्रेवाल ने पूछा कि अनुबंध की धारा 33.3 जब विवाद के लिए है, तो इस धारा के तहत अकाउंटेंट से प्रमाण पत्र क्यों लिए गए। कोई उत्तर नहीं दिया गया। तथा यह पूछने पर की अनुबंध की धारा 33.2.1 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट को अप्वॉइंट करने के लिए कंसेशनर द्वारा 4 सीए की पैनल पेश करने तथा शासन द्वारा उसमें से एक का चयन करने की प्रक्रिया के दस्तावेज उपलब्ध कराये। उत्तर दिया गया की चार्टर्ड अकाउंटेंट का चयन कंसेशनर द्वारा ही किया गया है।

केंद्र सरकार ने 2025 तक ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट 4.5% तक लाना किया तय 

प्रताप ग्रेवाल ने जब यह कहा कि प्रदेश की ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट 17.5% हो गई है जो देश की सर्वाधिक है, जबकि केंद्र सरकार ने 2025 तक ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट 4.5% तक लाना तय किया है। तो उत्तर मिला कि इस संदर्भ में हमारे पास कोई जानकारी और दस्तावेज नहीं है।


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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