शिवराज कैबिनेट

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। लगातार बारिश से मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Chief Minister Shivraj Singh) ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की।इस दौरान शिवराज के निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, अधिकारी सीधे सीएम हाउस के कंट्रोल रूम में आवश्यक जानकारी ले और दे सकते है होशंगाबाद, जबलपुर, इंदौर सम्भाग के कमिश्नर स्थिति की समीक्षा करते रहे , 48 घंटे प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। नर्मदा जी और उनकी सहायक नदियों के किनारे ध्यान दे। एनडीआरफ -एसडीआरएफ (NDRF-SDRF) की टीम से सतत संपर्क रखे। प्रदेश स्तर पर भी सेना सहित सभी स्तर पर सम्पर्क किया जा रहा है। निचले इलाकों में पानी न भरे इसके लिए सतत नज़र रखे ।बारिश के कारण लोग घिरे नहीं इसके लिए रेस्क्यू पहले ही किए जाए, 10 दिन की एडवांस तैयारी रखी जाए

शिवराज ने कहा कि कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच प्रदेश में एक और संकट अतिवृष्टि का संकट आया है ।भारी वर्षा के कारण प्रदेश ले बड़े हिस्से विशेषकर जबलपुर, भोपाल और होशंगाबाद संभाग के कई गांवों और शहरों में बाढ़ जैसी परिस्थितियां निर्मित हो रही है।मां नर्मदा जी और उनकी सहायक नदियां इस समय उफान पर हैं।बांधो से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है इस कारण भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है।होशंगाबाद में तो नर्मदा जी 10 बजे तक ही 973 के उच्चतम स्तर को पार कर चुकी हैं।होशंगाबाद में नर्मदा जी पर खतरे का निशान 964 पर है।अभी 48 घंटे भारी वर्षा की संभावना है लेकिन घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है।वहां एनडीआरएफ भेज रहे हैं।सेना और एयरफोर्स को हमने सतर्क किया है।

एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय

शिवराज ने बताया कि मैं आपको सावधान करने के लिए कह रहा हूं इस घड़ी में आप बिल्कुल चिंतित ना हों।जहाँ जहाँ जरुरी वहां राहत के सुरक्षा के बचाव के सभी आवश्यक काम किए जाएंगे।हमारी एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं जहां जरूरत है आज भी छिंदवाड़ा के चौरई में बेलखेड़ा में फंसे मधु को एयरलिफ्ट करके निकाला गया है। बोट, अन्य उपकरण की उचित व्यवस्था की गयी है। होशंगाबाद, बरेली, शाहगंज अभी तक 16 गांव ऐसे हैं जहां बाढ़ का पानी घुसने की स्थिति है। इन ग्रामों के बहन और भाई चिंतित ना हो, उन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।ऐसे ग्रामों में रहने वाले बहन-भाइयों से मेरी अपील है, बिना किसी जिद के तत्काल हमको निचले स्थान छोड़ देने चाहिए।प्रशासन जिस सुरक्षित स्थान पर हमको ले जा रहा है वहां तत्काल हमको जाना चाहिए।इस स्थानों पर भोजन-पेयजल-दवाइयों का पूरा इंतज़ाम किया जायेगा।

गांव-शहरों में हाई अलर्ट घोषित, आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम 

शिवराज ने कहा कि कोरोना के संकट को देखते हुए भी प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनायेगा। गांव-शहरों में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है।जिलों की आपदा प्रबंधन टीमें लगातार सक्रिय हैं। जिलों के और राज्यों के आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। वर्षा और बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दें। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए या आपात स्थिति में सूचना देने के लिए डायल 100 व 1079 पर कॉल कीजिये।किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर, गोताखोर, बोट सभी का पुख्ता इंतजाम है। आवश्यक होने पर सेना भी बुला ली जाएगी। मेरी आप सभी से एक प्रार्थना है कि सड़क, पुल, पुलिया पर बाढ़ का पानी होने की स्थिति में आप उसे पार करने से बचें। कई बार प्रदेशवासी इन वजहों से संकट में फंस जाते हैं।अतिवर्षा की स्थिति में पिकनिक पर नहीं जाए डैम-झरने आदि पर जाने का मोह छोड़ें। सावधानी में ही सुरक्षा है। बाँधों के गेट खोलने से पूर्व प्रशासन द्वारा नागरिकों को सूचित किया जा रहा है। कृपया अपनी सुरक्षा के लिए मेरी सूचनाओं को गंभीरता से लें चिंता ना करें सरकार आपके साथ खड़ी है, इस संकट से आपको पर निकालकर ले जायेंगे।

प्रमुख नदियों के जलस्तर की जानकारी ली

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर की भी जानकारी ली है।जिस पर अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी बांधो का जल स्तर एवं किस बांध के कुल कितने गेट खोले गए है ।प्रदेश के लगभग सभी बांध का लेवल फुल है। अगले 48 घंटे प्रदेश में रैन फाल की स्थिति है ।तवा डैम के 13 में से 13 , इंदिरा सागर के 22 गेट, ओम्कारेश्वर में 23 में से 21 गेट ,राजघाट 18 में से 14 गेट, बरगी के 21 में से 17 गेट, मंडला पेंच बांध के सभी गेट खोले गए है।जबलपुर संभाग ,छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश है। छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में 150 लोगो को सुरक्षित कैम्प में पहुंचाया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की सभी टीम को एलर्ट किया गया है, आवश्यकता होने पर टीम का डिप्लॉयमेंट तुरंत होगा। भोपाल संभाग में सर्वाधिक बारिश रायसेन में, इंदौर संभाग में खंडवा में सर्वाधिक बारिश है। इंदिरा सागर और ओम्कारेश्वर के गेट खोले गए है, अभी सरदार सरोवर हाई लेवल से 7 मीटर नीचे है । विगत वर्ष से तुलना करने में इस वर्ष संभाग में खंडवा जिले में अधिक बारिश है, संभाग के सभी जिलों में प्रशासन और सभी टीम अलर्ट पर है ।देवास में बारिश है , नेमावर में नर्मदा जलस्तर अधिक , लेकिन आगे बांधो के गेट खुलने से जलस्तर कम होगा। प्रशासन अलर्ट पर है, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी में तेज बारिश हुई है, स्थिति नियंत्रण में है, राहतगढ़ में कुछ परिवारों को कैम्प में पहुँचाया गया है, जलभराव की स्थिति नहीं है