मैंने टिकट नहीं मांगा था, CM ने दिया था ऑफर, दमोह प्रत्याशी को जिताना मेरे लिए चैलेन्ज

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भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपनी तीसरी लिस्ट जारी की, जिसमें दमोह से पूर्व विधायक प्रताप सिंह लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वही बीजेपी ने यहां से वर्तमान सांसद प्रहलाद पटेल को मैदान में उतारा है। संभावना जताई जा रही थी कि कांग्रेस यहां से बुंदेलखंड के कद्दावर नेता और बीजेपी से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए रामकृष्ण कुसमरिया को टिकट दे सकती है। मीडिया में भी इस बात की खबरे जोरों पर थी, लेकिन गुरुवार को जारी लिस्ट ने सभी अटकलों और कयासों पर विराम लगा दिया। इस बीच टिकट नहीं मिलने के बाद कुसमारिया का बयान सामने आय़ा है। कुसमारिया का कहना है कि मैंने कभी टिकट नहीं मांगा था, इसमें मुझे कोई हैरानी नहीं है, अब दमोह प्रत्याशी को जिताना मेरे लिए बड़ा चैलेंज है।

दरअसल, बीते दिनों दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दमोह लोकसभा सीट से कुर्मी समाज के नेता और डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया और प्रताप सिंह लोधी के नाम पर चर्चा हुई थी जिसमें डॉ. कुसमारिया पर सहमति बनती दिख रही थी, उनका नाम तय माना जा रहा था। लेकिन गुरुवार को जारी लिस्ट ने सबको चौंका दिया। पार्टी ने कुसमारिया की जगह लोधी को टिकट दे दिया। हालांकि कुसमारिया का कहना है कि वे टिकट कटने से नाराज नही है। उनका कहना है कि मैंने कभी टिकट नहीं मांगा था। मुझे तो टिकट ऑफर किया गया था। सीएम कमलनाथ ने मुझे ऑफर किया था, लेकिन पार्टी के दूसरे नेताओं ने उनकी बात को नहीं माना। मुझे कोई हैरानी नहीं है। अब दमोह में पार्टी के प्रत्याशी को जिताना मेरे लिए चैलेंज है। मैने पार्टी मे शामिल होने पर कोई शर्त नही रखी थी और ना ही टिकट की मांग की थी, मुझे पार्टी का फैसला मंजूर है।

खबर है कि लोधी को लोधी वोटबैंक के चलते टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने लोधी को मैदान में उतार बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। प्रताप सिंह लोधी समाज मे एक प्रतिष्ठित चेहरा है और उनकी छवि भी साफ सुधरे नेताओं वाली है, इसके अलावा विधायक, कार्यकर्ता, कांग्रेस नेता समेत सभी का समर्थन प्रताप सिंह को प्राप्त है। कही उनका विरोध देखने को नही मिला है। कुसमारिय़ा को उतारने से विरोध हो सकता था, चुंकी बीते दिनों कई सीटों पर विरोध देखने को मिला है, इसी के चलते यह फैसला लिया गया है। मुकाबला अब और रोचक हो गया है क्योंकि दोनों तरफ लोधी (प्रहलाद पटेल और प्रताप सिंह) है। खैर जीत किसको मिलती है और कौन लोधी वोट बैंक हासिल करने में सफल होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

कौन है प्रताप सिंह लोधी 

दमोह लोक सभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह लोधी मध्यप्रदेश के दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बैरागढ़ गांव के मूल निवासी है। इनके पिता का नाम जुगराज सिह लोधी है। प्रताप सिंह का जन्म 1 जुलाई 1961 को हुआ था। प्रताप सिंह की शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी है। मुख्य व्यवसाय कृषि है।लोधी ने जबेरा विधानसभा से 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे, जो कि अल्प मतों से पराजित हो गए थे। इसके पूर्व 2013 में प्रताप सिंह लोधी ने कांग्रेस को इसी विधानसभा से बड़ी जीत दिलाई थी और 5 साल विधायक रहे थे। लोधी 1994 से 1999, 2004 से 2009 और 2009 से 2013 तक लगातार तीन बार जिला पंचायत के सदस्य रहे।  प्रताप सिंह वर्ष 1994 से लेकर वर्तमान तक लगभग 24 वर्षों से दमोह लोकसभा संसदीय क्षेत्र में व संगठन के जिम्मेदार पदों पर रहे है।