Modi Cabinet : MP के इन सांसदों को मिले अहम विभाग, तोमर को मिली कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी

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भोपाल।

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद मंत्रियों को विभागों का भी बंटवारा कर दिया गया है।अमित शाह को देश का गृह मंत्री बनाया गया है। वहीं, राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय दिया गया है। वित्त मंत्रालय का कार्यभार निर्मला सीतारमण को दिया गया है। स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। जयशंकर विदेश मंत्री बनाए गए हैं।इसी के साथ एमपी के चार मंत्रियों को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें एमपी के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह तोमर को मोदी कैबिनेट 2 .0  में कृषि मंत्री बनाया गया है। वही प्रह्लाद पटेल पर्यटन संस्कृति, थावर चंद गहलोत को सामाजिक न्याय और फग्गन सिंह कुलस्ते को इस्पात मंत्री बनाया गया है।

          भोपाल से लेकर दिल्ली तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले तोमर का इस बार प्रमोशन हुआ है।   नरेंद्र सिंह तोमर पिछली मोदी कैबिनेट में भी शामिल थे, उन्हें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 2014 में नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर से सांसद चुने गए थे। इस बार उन्होंने मध्य प्रदेश की मुरैना संसदीय सीट से जीत हासिल की है। यहां से तोमर ने कांग्रेस के रामनिवास रावत को 113341 वोटों से मात दी है।इसी के साथ अब मोदी सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया है। इसके साथ पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी उनके पास रहेंगे। पहले कार्यकाल के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें जो भी जवाबदारी दी, उसे उन्होंने बखूबी निभाकर मोदी और शाह का भरोसा जीत लिया। यही वजह है कि खान, पंचायती राज, ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय उन्हें सौंपे गए थे।

अब तोमर पर नए विभागों के साथ नई जिम्मेदारियों भी बढ़ गई है।तोमर का  नाम मध्य प्रदेश से लेकर देश और संगठन से लेकर सत्ता तक में वज़न रखता है। छात्र राजनीति से सफर शुरू करने वाले तोमर मोदी कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री पद तक पहुंचे, वो मोदी के 5 सबसे खास मंत्रियों में माने जाते हैं।पहला चुनाव ग्वालियर नगर निगम में पार्षद का लड़ा और जीते। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 1998 में ग्वालियर से विधायक चुने गए। 2003 में वो दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़े और जीते फिर प्रदेश सरकार में मंत्री बनाए गए। 2008 में वे मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। 

थावरचंद गेहलोत

वही मध्य प्रदेश के शाजापुर से थावर चंद गहलोत मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और उत्तराखंड के प्रभारी भी हैं। पिछली मोदी सरकार में उन्हें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था। इस बार भी उन्हें सामाजिक न्‍याय एवं सशक्‍तीकरण मंत्रालय विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  पिछले राष्ट्रपति चुनाव में भी राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदारों में से एक थे। वे नागदा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 18 मई 1948 को हुआ था। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से स्नातक की डिग्री हासिल की है। गहलोत 1996 से 2009 तक लोकसभा के भी सदस्य रह चुके हैं। थावरचंद गहलोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं। थावरचंद गहलोत 71 साल की उम्र में भी पूरी तरह से ऊर्जावान हैं। वह मध्यप्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय संसद के ऊपरी सदन राज्य सभा के सदस्य हैं। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से स्नातक की डिग्री हासिल की है, गहलोत 1996 से 2009 तक लोकसभा के भी सदस्य रह चुके हैं।

प्रहलाद पटेल

एमपी के प्रहलाद पटेल (राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार)को भी मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया है।उन्हें संस्कृति और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटेल दमोह संसदीय सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं।  उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार प्रताप सिंह को  4 लाख 2 हजार 164 वोट से हराया था। पिछली बार भी इसी सीट से पटेल ने जीत हासिल की थी। प्रहलाद पटेल इसके अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कोयला राज्यमंत्री रह चुके हैं।पटेल ने 1999 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा का चुनाव जीता था। पिछले साल एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भी थावचंद गहलोत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पटेल करीब डेढ़ दशक पहले पैदल नर्मदा यात्रा कर चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेत्तृव में बनी एनडीए सरकार में पटेल पहली बार मंत्री बने थे। अटलजी ने उन्हें कोयला मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया था। पटेल चार से बार से सांसद हैं। 2019 का चुनाव उन्होंने दमोह लोकसभा क्षेत्र से जीता है। 1999 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा का चुनाव जीता था। वे पेशे से अधिवक्ता हैं। वे असंगठित मजदूर संघ’ के अध्यक्ष तथा बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं।

फग्गन सिंह कुलस्ते

मंडला लोकसभा सीट से छठी मर्तबा जीते फग्‍गनसिंह कुलस्‍ते को इस बार फि‍र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट जगह मिली है, उन्हें इस्पात मंत्री बनाया गया है। वे पहले भी केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। कुलस्‍ते पार्टी का सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं।  1990-92 में पहली बार विधायक और 1996 में पहली बार लोकसभा सदस्य बने। मंडला चुनाव में भाजपा के फग्गन सिंह कुलस्ते ने कांग्रेस के कमल मरावी को 97 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है।कुलस्ते एक बार विधायक रहे हैं और पांचवीं बार मंडला संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीते हैं। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार और पिछली मोदी सरकार में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं। जुलाई 2016 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गयी, लेकिन लगभग सवा साल बाद ही उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।