51 दिन में EOW के आरक्षक पर दो हमले, विभाग लीपा-पोती में जुटा

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भोपाल। ईओडब्ल्यू के सिपाही बालेश यादव 51 दिन में दूसरी बार चर्चा में आए हैं। अब उनपर अवधपुरी में एक बिल्डर से मारपीट के आरोप लगे हैं। वहीं पुलिस ने बिल्डर की शिकायत पर बालेश के खिलाफ भी मारपीट का प्रकरण दर्ज किया है। बालेश की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। उल्लेखनी है कि बीती 11 फरवरी को आरक्षक ने अज्ञात लोगोंं पर जिंदा जलाकर हत्या करने के आरोप लगाए थे। लगातार विवादों को लेकर चर्चा में आए आरक्षक के साथ हुई दोनों घटनाएं पुलिस को संदिग्ध लग रही हैं। पुलिस का कहना है कि बालेश के आरोपों की जांच की जा रही है। इधर ईओडब्ल्यू के अधिकारी आरक्षक की करतूतों को निजी बताकर कार्रवाई से बच रहे हैं। 

अवधपुरी थाने की पुलिस के अनुसार राधाकुंज अवधपुरी में रहने वाले बालेश यादव ईओडबल्यू में सिपाही हैं। वह मंगलवार रात पौने दस बजे के करीब अपने परिवार के साथ सफारी गाड़ी से अपने घर जा रहा था । अवधपुरी तिराहे पर तरुण मेडिकल वाले के सामने बिल्डर राजेंद्र कुमार पवार अपनी गाड़ी में बैठा था कि उसने कुछ कमेंट किया तो बालेश कार मोड़कर लाया तब तक वह चला गया था। जबकि बिल्डर पवार ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया है कि बालेश ने सीधे आकर कार के कांच खुलवाए और गाली दी। इसके बाद वह घर चले गए। घटना के बाद राजेंद्र पवार अपनी मां द्वारिका पवार और लेकर बालेश के घर राधाकुंज पहुंचे। जहां राजेंद्र की मां ने बालेश से बात की। जिस पर राजेंद्र का आरोप है कि बालेश ने गाली गलौच किया और उसके साथ मारपीट की। जिसमें उसकी मां भी घायल हो गई। जबकि बालेश ने पुलिस शिकायत में कहा है कि राजेंद्र अपनी मां और बहन के साथ आया और गाली देकर मारपीट की। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफ आईआर दर्ज कर ली है। 

– जिंदा जलाने के लगा चुका है आरोप

बालेश यादव पिछली 11 फ रवरी को अज्ञात युवकों पर जिंदा जलाने की कोशिश के आरोप लगा चुके हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि जंबूरी मैदान के पास अज्ञात युवकोंं ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। जिसमें वह झुलस गए थे और अस्पताल में भर्ती हुए थे। पिपलानी पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। इधर, ईओडब्ल्यू एसपी अरुण मिश्रा का कहना है कि बालेश यादव हमारा आरक्षक है। उसके साथ जो भी घटनाएं हो रही है। वह उसकी निजी है। उसका विभागीय कुछ भी नहीं है।