मध्यप्रदेश : सालों बाद टूटा दोनों नेताओं का अनबोला, एक साथ लिया पार्टी की मजबूती का संकल्प

भोपाल,  हरप्रीत कौर रीन। मध्य प्रदेश कांग्रेस के दो बड़े नेता अजय सिंह राहुल भैया और चौधरी राकेश सिंह ने मिशन 2023 के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। 10 साल के लंबे अंतराल के बाद दोनों नेता साथ नजर आए और पुरानी गलतियों से सबक ले कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने का प्रण लिया।

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‘कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है’, यह कहने वालों के लिए शनिवार का दिन शायद दिल तोड़ देने वाला था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह राहुल भैया के निवास पर कांग्रेस के ही एक अन्य सीनियर नेता और पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह ने पहुंचकर उनसे मुलाकात की। बंद कमरे में आधे घंटे से ज्यादा चली इस मुलाकात के दौरान न केवल पुराने गिले-शिकवे दूर किए गए बल्कि आने वाले भविष्य के लिए भी रणनीति तय की गई। बैठक से बाहर निकलने के बाद अजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि राकेश चौधरी पार्टी के सीनियर नेता है और हम सब साथ मिलकर कांग्रेस को 2023 में सत्ता में वापस लाएंगे। वही राकेश चौधरी ने अजय सिंह को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी तेजी के साथ काम करके सत्ता में वापसी करेगी। पुराने समय को भुलाने की बात कहते हुए राकेश चौधरी ने कहा कि बीजेपी के नेताओं को भला मुझसे अच्छा कौन जानता है।

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दरअसल चौधरी राकेश सिंह ने 2012 में अपने एक निर्णय से मदद प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सत्ता पक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था और जैसे ही अजय सिंह बोलने खड़े हुए, चौधरी राकेश सिंह ने उनका विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। वक्त बदला और चौधरी राकेश सिंह एक बार फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। लेकिन अजय सिंह से उनकी दूरी बनी रही और उप चुनाव के समय जब चौधरी राकेश सिंह को मेहगांव से टिकट देने की बात चली तो अजय सिंह ने यहां तक कह दिया था कि यदि राकेश चौधरी को टिकट मिला तो वे पार्टी छोड़ देंगे। ग्वालियर चंबल संभाग में ब्राह्मणों के कद्दावर नेता रहे चौधरी राकेश सिंह का अब अजय सिंह के साथ जो राजनीतिक मिलन हुआ है, कांग्रेस उसे बड़े राजनीतिक फायदे के रूप में देख रही है।