टोल माफिया के खिलाफ जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, ट्रांसट्राय कंपनी से छिना टोल संचालन

भोपाल। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के राज में प्रशासन ने माफिया राज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंदौर और ग्वालियर में माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद अब भोपाल में जिला प्रशासन ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए टोल माफिया पर नकेल कसी है। जिला प्रशासन ने ट्रांसट्राय कंपनी से मुबारकपुर टोल प्लाजा का संचालन छिन लिया है। ट्रांसट्राय कंपनी को भाजपा शासनकाल में टोल प्लाजा की जिम्मेदारी मिली थी। लंबे समय से ट्रांसट्राय कंपनी द्वारा टोल संचालन के दौरान कई अनियमितता सामने आई थी। जिसके बाद आज कंपनी पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की गई। 

गुरुवार सुबह हुजूर एसडीएम अपने दल-बल के साथ मुबाकरपुर टोल प्लाजा पहुंचे और यहां ट्रांसट्राय कंपनी पर शिकंजा कसते हुए उसके द्वारा टोल संचालन छिन लिया। अब MPRDC ने यहां टोल प्लाजा के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी संस्था SAD MAP के हवाले सौंप दी है। बताया जा रहा है कि भोपाल बायपास के दो टोल मुबारकपुर और ग्यारह मील का संचालन 2013 से ट्रांसट्राय कंपनी कर रही थी। भाजपा शासनकाल में कंपनी को टोल प्लाजा संचालन का काम मिला था। ट्रांसट्राय कंपनी आंध्र प्रदेश की बताई जा रही है और इसके संचालन के दौरान कई अनियमितता उजागर हुई। कंपनी द्वारा करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। इन दोनों टोल प्लाजा से प्रतिदिन 3 लाख रुपए तक का टोल टैक्स आता था लेकिन 2013 से अब तक टोल टैक्स की राशि जाम नहीं की गई थी। यह भी बताया जा रहा है कि कंपनी टोल प्लाजा पर अवैध रुप से वसूली भी करती थी। जिला प्रशासन की कार्यवाही से टोल प्लाजा संचालकों में हडक़ंप मचा हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने अब माफियाओं के खिलाफ जंग छेड़ दी है। प्रदेश के कई बड़े कारोबिरायों पर छापामार कार्रवाई करते हुए उनके अवैध ठिकानोंं को सरकार ने ज़मीदोज़ कर दिया। गृह मंत्री बाला बच्चने ने भी कहा कि सरकार की यह कार्रवाई इस बात संकेत हैं कि प्रदेश में अब कोई माफिया राज नहीं रहेगा। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें माफियाओं पर कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।