उपचुनाव : CM शिवराज की सभा में लगे नारे-बन्द करो मतदान, बिक जाते श्रीमान, वीडियो वायरल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में 28 सीटों पर उपचुनाव (By-election) होना है, इसके पहले कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और उनके समर्थक मंत्री-पूर्व विधायकों के साथ साथ प्रदेश की शिवराज सरकार  (Shivraj Sarkar) को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन नेताओं के जनसंपर्क के दौरान कभी काले झंडे दिखाकर या फिर नारेबाजी से विरोध किया जा रहा है।अब रायसेन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ( Shivraj Singh Chauhan)और भाजपा की दिग्गज नेत्री उमा भारती को विरोध का सामना करना पड़ा, उनकी सभा में युवाओं द्वारा ‘बन्द करो मतदान बिक जाते हैं श्रीमान…’ के नारे लगाए गए। इन नारों का एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। बार बार विरोध ने बीजेपी में खलबली मचा दी है।

दरअसल, मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान  और बीजेपी (BJP) की कद्दावर नेत्री उमा भारती (Uma Bharti) रायसेन में कांग्रेस से दल बदल कर बीजेपी का दामन थामने वाले डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के समर्थन में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे, जहां सरकार द्वारा लगभग 200 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया। इस दौरान शिवराज के भाषण से पहले सभा में ‘बन्द करो मतदान बिक जाते हैं श्रीमान…’ के नारे लगना शुरु हो गए।इतना ही नही सभा में चौधरी के ख़िलाफ़ भी एंटी हार्स ट्रेडिंग फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इन कार्यकर्ताओं ने ‘बन्द करो मतदान बिक जाते हैं श्रीमान’ के नारे लगाए। जब सभा में जमकर हंगामा होने लगा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला औरनारे को लगाने वाले चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया और हालांकि उन्हें देर रात को छोड़ दिया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है, जिसने भाजपा में खलबली मचा दी है।

बता दे कि हाल ही में ग्वालियर-चंबल में हुई सभाओं के दौरान भी जमकर हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली थी। भिंड-मुरैना में तो कांग्रेसियों ने काले झंडे दिखाकर सिंधिया का विरोध किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वही एक सभा में अतिथि विद्वानों और युवाओं का हंगामा होने के बाद सिंधिया को अपना भाषण तक बीच में रोकना पड़ा था।विरोध को देखते हुए कहा जा सकता है कि भले ही भाजपा को सत्ता बचाए रखने के लिए 9 सीटों की जरुरत हो, लेकिन विरोध को देखते हुए मंत्रियों का जिताना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती से कम नही है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here