MP : कांग्रेस नेताओं समेत ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों की बढ़ सकती है मुश्किलें

चुनाव आयोग ने इस संबंध में राज्य शासन को पत्र भेजकर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस और एसीएस गृह राजेश राजौरा को 5 जनवरी को तलब किया है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्य प्रदेश (MP) के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former CM Kamalnath) पर साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के दौरान कालेधन (Black Money) के लेनदेन का मामला थमने का नाम नही ले रहा है।अब सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Adminstration) ने EOW को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए है। ऐसे में आने वाले दिनों में शिवराज सरकार में 3 मंत्रियों समेत कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के डीजी को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद शिवराज सरकार के तीन मंत्रियों और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक बिसाहूलाल सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर और राजवर्धन सिंह दत्तीगांव की मुश्किलें बढ़ सकती है। वही पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस नेताओं पर भी शिकंजा कस सकता । चुनाव आयोग ने इस संबंध में राज्य शासन को पत्र भेजकर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस और एसीएस गृह राजेश राजौरा को 5 जनवरी को तलब किया है।

हालांकि ईओडब्ल्यू में प्राथमिकी दर्ज करने में अभी तक किसी का नाम अभी शामिल नहीं किया गया है, लेकिन 3 आईपीएस अफसर सुशोवन बनर्जी, वी. मधुकुमार व संजय व्ही माने और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा पर गाज गिरना अब लगभग तय माना जा रहा है।

दरअसल, कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Goverment) के दौरान पड़े आयकर विभाग (Income Tax) छापों को लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes CBDT) की रिपोर्ट के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत गर्म है। आए दिन नए नए खुलासे हो रहे है।अब चुनाव आयोग द्वारा  मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस और एसीएस गृह राजेश राजौरा को 5 जनवरी को तलब किया है, जिसके बाद सरकार पर इस मामले में दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।

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गौरतलब है कि साल 2019 के अप्रैल महीने में इनकम टैक्स (Income Tax) की दिल्ली (Delhi) विंग द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के सलाहकार राजेंद्र मिगलानी, ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी और कारोबारी अश्विनी कुमार के कुल 52 ठिकानों पर छापे मार कार्रवाई की गई थी। दिल्ली, भोपाल, इंदौर और गोवा में करीब 50 ठिकानों पर मारे गए छापे में करोड़ों रुपये काला धन बरामद हुआ था।

इसके साथ ही विभाग को कुछ डायरियां, कंप्यूटर और फाइलें भी मिली थी जिसमें करोड़ो रुपए के लेन-देन का हिसाब था उसे भी विभाग द्वारा जब्त किया गया था।वही इन दस्तावेजों में यह बात भी सामने आई थी कि राष्ट्रीय राजनीतिक दल के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर 20 करोड़ की राशि भेजी गई थी। वहीं विभाग द्वारा मारे गए छापे में कुल 221 करोड़ रुपए लेने देने का भी प्रुफ मिला था, यह पैसे विभिन्न कारोबारी राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों से इकट्ठे किए गए थे और हवाला के जरिए राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय जो कि दिल्ली के तुगलक रोड पर स्थित है वहां भेजे गए थे।