कमलनाथ सरकार के ‘राइट टू हेल्थ’ पर नरोत्तम मिश्रा ने उठाये सवाल

भोपाल| मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार प्रदेश में ‘स्वास्थ्य का अधिकार” कानून लागू करने की तैयारी कर रही है| इसके तहत सभी परिवारों को साल में डेढ़ से दो लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज देने पर विचार चल रहा है।  कांग्रेस ने अपने चुनावी वचन-पत्र में ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ कानून लागू करने की बात कही थी। अब इसे अमली जामा पहनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने सरकार की इस योजना पर सवाल उठाये हैं| पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सरकार के इस कदम को कागजी और भ्रम फैलाना वाला बताया है| 

पूर्व मंत्री मिश्रा ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि साढ़े पांच करोड़ जनता प्रदेश में पहले से ही केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना से कवर हो रही है| बाकी जो लोग बच रहे उसके क्रेडिट लेने की कोशिश हो रही है| गाँव में अस्पताल नहीं है, जहां अस्पताल है वहाँ डॉक्टर नहीं है, दवाएं नहीं हैं| यह स्तिथि स्पष्ट करना चाहिए कि पैसा कहाँ से आएगा, कहाँ जायेगा, सरकार कैसे राइट टू हेल्थ लागू करेगी| डॉक्टर कहाँ से आएंगे, उन्हें एक दिन में नहीं ला सकते एक डॉक्टर तैयार होने में आठ साल लग जा सकते हैं| सरकार सिर्फ बाते करती हैं जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं है, दस महीनों में एक काम सरकार पूरा नहीं कर पाई| 

मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सरकार से प्रार्थना करते हुए कहा कि किसानों के खाते में दो लाख कब तक आएंगे यह स्पष्ट करें, अतिवृष्टि की मुआवजा राशि कब तक आएगी, 160 रुपए किसानों का रुका हुआ है यह कब तक उनके खाते में पहुंचेगा| बेरोजगारों को भत्ता कब मिलेगा|  

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