अब आत्मनिर्भर बनेगा मध्य प्रदेश, ग्लोबल टेंडर पर रोक

भोपाल| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा देश को ‘आत्मनिर्भर’ (Self Dependent) बनाने की बात कहने के बाद मध्य प्रदेश सरकार (MP government) भी इसी राह पर चल पड़ी है| सरकार ने सभी ग्लोबल रोक लगा दी हैं। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही बाहरी राज्यों से मध्यप्रदेश में लौट रहे प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए नई स्कीम लांच की जाएगी। मजदूरों को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) 22 मई को योजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

मध्य प्रदेश अब ‘आत्मनिर्भर’ बनने की और आगे बढ़ रही है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर इसके लिए विभिन्न विभाग रोडमैप तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांचों मंत्रियों के साथ बैठक में विभागों में ग्लोबल टेंडर से खरीदी पर रोक लगाना तय किया गया। अब देश में बनने वाले उत्पाद व मशीनरी की ही खरीदी की जाएगी। बैठक में बताया गया कि आर्थिक पैकेज में एमएसएमई में अतिसूक्ष्म को पांच लाख आर्थिक सहायता को अब 25 लाख किया गया है। तीन लाख करोड़ रुपए का रिटेलर पैकेज एमएसएमई के लिए केंद्र ने रखा है।

इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले सभी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत मनरेगा में काम दिया जाएगा। मनरेगा में काम देने के लिए इनके जॉब कार्ड भी बनाए जाएंगे। मजदूरों को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 मई को योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मनरेगा के माध्यम से सरकार को उपलब्ध भूमि पर गौशाला, पार्क और तालाब बनाए जाएंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा, और मंदिर समितियां गौशाला चलाएंगी। गांवों में तालाबों का निर्माण किया जाएगा, और 22,000 लघु उद्योगों को एमएसएमई को दिए गए वित्तीय पैकेज के तहत लाभ मिलेगा। वहीं 1, 12, 000 छोटे व्यापारियों की पहचान की गई है और उन्हें 10,000 रुपये के ऋण का लाभ मिलेगा। बैठक के दौरान पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास विभाग और MSMEs की एक प्रस्तुति की गई। कैबिनेट को बताया गया कि 20 लाख मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया।