भोपाल। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही निगम मंडलों में नियुक्तियों का इंतजार कर रहे नेताओं का सब्र टूट रहा है। वहीं एआईसीसी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेताओं के बीच बने गतिरोध के कारण नियुक्तियां अटकी हुई हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने खुद यह बात स्वीकार करते हुए कहा है कि निगम-मंडलों में नियुक्तियों की देरी की वजह एआईसीसी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेताओं के बीच बना गतिरोध है। उनके इस बयान से कांग्रेस के अंदरखाने विरोध शुरू हो गया है।

सेवादल के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बावरिया ने मीडिया से चर्चा में निगम मंडल में नियुक्तियों में हो रही देरी पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा निगम मंडल में नियुक्तियां करना प्रदेश नेतृत्व का अधिकार है लेकिन लोकतंत्र के तहत सभी से चर्चा होनी चाहिए।बावरिया यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को निगम-मंडलों में जगह मिलेगी,  नेताओं की सिफारिश पर नियुक्तियां नहीं होने देंगे। निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए एआईसीसी ने गाइडलाइन तैयार की है, जिसके अनुसार ही नियुक्तियां की जाएंगी। 

इसके बाद बावरिया ने देर शाम मुख्यमंत्री कमल नाथ से मुलाकात की है। दोनो के बीच नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई है। बावरिया की सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी के अंदरखाने विरोध शुरू हो गया है।