कमलनाथ के मंत्री ने क्यों कहा कांग्रेस को कमजोर

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भोपाल।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में जमकर बिखराव देखने को मिल रहा है। नेता अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े कर रहे है। अब कमलनाथ सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अपनी ही पार्टी को कमजोर बताया है।वही सहकारिता विभाग के कर्मचारियों पर पर भी गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले देवास से कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद टिपानिया ने सरकार पर हार का ठीकरा फोड़ा था और गुटबाजी को सबसे बड़ा हार का कारण बताया था। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस में खलबली मच गई है, हालांकि अभी तक किसी भी बड़े नेता की प्रतिक्रिया सामने नही आई है।

वर्मा का कहना है कि जनता के बीच अपनी बात को पहुंचाने में कांग्रेस कमजोर हुई। किसान कर्ज माफी की बात को हम जनता के बीच में नहीं पहुंचा पा रहे हैं, किसानों को नहीं समझा पा रहे हैं। कर्ज माफी को लेकर सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने सरकार की कोई मदद नहीं की बल्कि किसानों के बीच में उल्टा भ्रम फैलाया।

मंत्री ने कहा कि आज की स्थिति ऐसी है कि किसान खाद बीज लेने जा रहा है तो कर्मचारी कहते हैं आपको पैसा जमा कराना पड़ेगा इसमें हम कमजोर साबित हुए हैं। सहकारी समितियों के कामकाज को लेकर भी सज्जन वर्मा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले मेरे क्षेत्र में दौरा करने के दौरान उन्हें कई अनियमितताएं मिली थी जिसकी वजह से सोसाइटी को बंद कराना पड़ा था।

इसके पहले भी उठ चुके है सवाल

बता दे कि इसके पहले देवास से कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद टिपानिया ने अपने ही सरकार पर हार का ठीकरा फोडा था।टिपानिया का कहना था कि कांग्रेस में जातिवादी मानसिकता के पदाधिकारी रिजर्व कैटेगरी अर्थात एससी-एसटी वर्ग के प्रत्याशी का सहयोग नहीं करते हैं। पार्टी के ऊंची जाति के नेता जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात तक नहीं करते। न ही उन्हें तवज्जो देते हैं। पार्टी का संगठन सिर्फ कागजों पर ही समीक्षा करता है। पार्टी की जमीनी हकीकत से दिल्ली में बैठे बड़े नेता बेखबर हैं। कांग्रेस की हार का बड़ा कारण गुटबाजी है। यहां जो जिस गुट का व्यक्ति है वह उसी गुट के लिए काम करता है। पार्टी में समर्पित रूप से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की कमी है।