भोपाल मंडल के 7 स्टेशनों पर स्थानीय उत्पाद की बिक्री शुरू

Bhopal-“One Station One Product” scheme in Indian Railways :रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार सम्पूर्ण भारतीय रेलवे में “एक स्टेशन एक उत्पाद“ योजना का विस्तार करते हुए रेलवे स्टेशनों पर राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान द्वारा डिजाइन किए गए स्टॉल स्थापित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल मण्डल के 10 स्टेशनों (भोपाल, रानी कमलापति, होशंगाबाद, इटारसी, हरदा, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, अशोक नगर एवं गुना) पर एक स्टेशन एक उत्पाद का एनआईडी डिजाइन के अनुरूप स्टॉल स्थापित किये गए हैं।

आवेदन आमंत्रित
इनमें से 07 स्टेशनों (भोपाल, रानी कमलापति, इटारसी, नर्मदापुरम, गुना, हरदा एवं बीना) पर स्टॉल संचालित है, जबकि अन्य 3 स्टेशनों ( विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर ) के लिए आवेदन आमंत्रित हैं। स्थानीय उत्पाद बनाने वाले लघु उद्यमी, इच्छुक कारीगर, बुनकर और स्वयं सेवी संस्थाएं अपने आवेदन पत्र सम्बंधित स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक के पास जमा कर सकते हैं।

लोकल विजन के लिए वोकल को बढ़ावा देना

समाज के लिए एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की गई है। केंद्रीय बजट 2022-23 में घोषित इस योजना का उद्देश्य भारत सरकार के लोकल विजन के लिए वोकल को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना, रेल यात्रियों को भारत की समृद्ध विरासत और स्थानीय उत्पादों का अनुभव करने का अवसर प्रदान करना, समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करना, स्वदेशी/स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन, बिक्री और उच्च दृश्यता देना है।

स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा
इस योजना के तहत बिक्री किये जाने वाले उत्पादों में बांस के उत्पाद, हस्तशिल्प, कपड़ा और हथकरघा, जरी जरदोजी क्राफ्ट, आयरन क्राफ्ट, जूट प्रोड्क्टड, स्थानीय खिलौने, चर्म उत्पाद, गारमेंट्स, स्थानीय आभूषण, चंदेरी हैंडलूम, मसाला आदि शामिल हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक स्टेशन एक उत्पाद योजना को और लाभदायक बनाने के लिए रेल प्रशासन द्वारा इसकी स्थापना व आवंटन के नियमों में सरलता प्रदान की गयी है। अब बड़े स्टेशनों (एनएसजी-1 से एनएसजी-4 पर) स्टाल आवंटन हेतु 15 दिन के लिए रू1000 लाइसेंस फीस ली जा रही है जबकि छोटे स्टेशनों (एनएसजी-5 और एनएसजी-6) पर रू 500/- प्रति 15 दिन लाइसेंस फीस ली जा रही है। बिजली का बिल अलग से देय होगा नियमों मे यह सरलता स्टॉल संचालकों की सुविधा व लाभ के मद्देनजर की गई है ताकि वे इस योजना के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर सकें।
मण्डल के रेलवे स्टेशनों पर लगाई गई एक स्टेशन एक उत्पाद स्टॉल दूरदराज से आने वाले रेल यात्रियों को लगातार आकर्षित कर रही हैं। जहां यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर संबंधित क्षेत्र के प्रसिद्ध उत्पाद यात्रा के दौरान ही आसानी से मिलने लगे हैं, वहीं उत्पादकों की भी बिक्री होने लगी है।


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Sushma Bhardwaj

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