भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने इस सीट से सिंधिया पर दांव लगा सकती है कांग्रेस

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भोपाल/इंदौर। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकटों को लेकर जबरदस्त खींचतान मची हुई है। कांग्रेस का फोकस इस बार भाजपा के कब्जे वाली सीटों को हथियाने का है। इसके लिए बड़े नेताओं को मैदान में उतारने की कोशिश की जा रही है। टफ सीट से वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा के बाद अब गुना सांसद सिंधिया के इंदौर से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो चली है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस दिग्विजय को भोपाल से और सिंधिया को इंदौर से उतारकर सबको चौंका सकती है। पार्टी को भरोसा है कि सिंधिया यहां से लड़ते हैं तो इस वोट बैंक में सेंध लग लगाई जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो सिंधिया और भाजपा के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

दरअसल, इंदौर एक हाईप्रोफाइल सीट है, वर्तमान में यहां से सुमित्रा महाजन सांसद है। बीजेपी द्वारा इस बार उनको टिकट ना दिए जाने की खबर के बीच माना जा रहा है कि कांग्रेस सिंधिया पर दांव लगा सकती है, वही गुना से उनकी पत्नी प्रियदर्शनी को मौका दिया जा सकता है। सुत्रों की माने तो इंदौर जैसी प्रतिष्ठित सीट के लिए एक नाम सिंधिया का भी है। इंदौर होल्कर स्टेट से जुड़ा हुआ है, 20 लाख से ज्यादा वोटर्स वाले इस क्षेत्र में महाराष्ट्रीयन और मराठा वोट का प्रभाव है। जिसका फायदा भाजपा सांसद सुमित्रा महाजन को मिला है। इसके पीछे कारण सिंधिया परिवार का रियासत के दौर से ही इंदौर से गहरा रिश्ता होना बताया जा रहा है। आज भी होल्कर स्टेट से जुड़ी उषाराजे मल्होत्रा से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं। वही मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में भी पिछले चार दशक से सिंधिया परिवार का दबदबा है। इंदौर क्रिकेट की राजनीति का गढ़ भी है। क्रिकेट में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और ज्योतिरादित्य के बीच हुए चर्चित चुनाव में सिंधिया ने शानदार जीत दर्ज की थी।ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी सिंधिया को मैदान में उतारकर सबकों झटका दे सकती है।

हालांकि इंदौर से दिग्विजय के नाम की भी चर्चा है। चुंकी दिग्विजय सिंह का स्कूली और कॉलेज एजुकेशन इंदौर से रहा है। यहां उनका व्यक्तिगत संपर्क है।दिग्विजय और उनके भाई लक्ष्मण सिंह दोनों का बचपन यहां बीता है।हाल ही में विधानसभा चुनाव की बात करे तो  आठ में से चार पर कांग्रेस और चार पर बीजेपी का कब्जा रहा। यहां कांग्रेस ने लीड की है। सुत्रों का मानना है कि बीजेपी को टक्कर देने के लिए इंदौर में बड़े नेता का मैदान में उतरना जरुरी है।हालांकि अंतिम फैसला पार्टी को ही करना है।सर्वे के बाद समीकरण में तेजी से हो रहे है बदलाव के चलते इस अटकलों को तेजी से हवा मिल रही है।

बता दे कि अभी तक सिंधिया गुना-शिवपुरी से ही चुनाव ल़ड़ते आए है। लेकिन सर्वे के आधार पर  गुना में अनूकूल परिस्थियों ना होने के चलते इस बार मौका उनकी पत्नी प्रियदर्शनी को दिया जा सकता है।हालांकि प्रियदर्शनी को ग्वालियर से भी लड़ने की चर्चाएं है। पैनल में ग्वालियर से उनका नाम आगे बढ़ाया गया है।अब अंतिम फैसला पार्टी को ही करना है। उम्मीद जताई जा रही है कि २०-२१ मार्च को होने वाली बैठक में सीटों को लेकर फैसला हो सकता है और कई सीटों पर चौंकाने वाले उम्मीदवार हो सकते है।