जूते-चप्पल इकठ्ठा कर निगम ने किए ताले में बंद

भोपाल। हजारों बोरी जूते-चप्पल (Shoes and slippers) नगर निगम (Bhopal Municipal council) ने शहरभर से इकठ्ठा किया था। पैदल अपने घरों की तरफ जा रहे श्रमिकों के लिए, लेकिन वो जूते-चप्पल श्रमिकों (Labors) के पैरों में नहीं गए बल्कि कमरे में बोरियों मे भरकर सड़ने के लिए छोड़ दिए गए हैं।

भोपाल नगर निगम ने जरूरतमंद श्रमिकों के लिए शहर की सामाजिक संस्थाओँ के साथ मिलकर अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत शहरभर से बड़ी सख्यां में रहवासियों ने जूते-चप्पल दान किए थे, लेकिन वो दान अब कबाड की तरह एक कमरे में पड़ा है।नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इकठ्ठा किया जूता-चप्पल जरूरतमंदों तक पहुंचा दिया गया है और जो बचा है उसे निगम के कर्मचारियों को दे दिया जाएगा।

गौरतलब है कि तपती सड़कों पर नंगे पांव अपने घरों की तरफ जाने वाले मजदूरों की मदद के नाम पर शहर के लोगों से यह जूते-चप्पल इकठ्ठा किया गया था और अब उसी मदद को कबाड़ की तरह एक कमरे में पटक दिया है।
बता दें कि मई में यह अभियान चलाया गया था, जिसके तहत सिर्फ तीन दिन में ही 210 घरों और 23 हाउसिंग सोसायटियों ने नगर निगम को कॉल करके 11230 जोड़ी जूत-चप्पल दान में दिए थे, जिसमें से आधे से ज्यादा आईएसबीटी के दफ्तर में ताले में बंद रखे हुए हैं।