लोधी के बाद खतरे में पड़ सकती है इनकी भी ‘विधायकी’, कईयों पर दर्ज है क्रिमिनल केस

भोपाल।

हाल ही में भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी को तहसीलदार से मारपीट मामले में भोपाल की  विशेष अदालत ने दो साल की जेल और साढ़े तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने उनकी सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया था।इसके बाद लोधी ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए सात जनवरी 2020  तक रोक लगा दी है। हालांकि अभी तक उनकी सदस्यता को विधानसभा ने बहाल नहीं किया है।अब भी उन पर खतरे की तलवार लटक रही है।इतना ही नही मध्यप्रदेश में अब भी कई विधायक ऐसे है जिन पर क्रिमिनल केस दर्ज है। वही इनमें कई पूर्व विधायक भी शामिल है और कई कमलनाथ सरकार में मंत्री भी है। कभी भी उनकी विधायकी खतरे में आ सकती है।

नेशनल इलेक्शन वॉच के डेटा के मुताबिक विधानसभा चुनाव के दौरान विधायकों की ओर से दिए गए हलफनामों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 93 ऐसे विधायक हैं जिनके खिलाफ क्रिमिनल केस चल रहे हैं, जबकि 47 ऐसे विधायक हैं जिन पर गंभीर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। खास बात ये है कि इनमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के कई बड़े नेता शामिल हैं। उधर, विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी सभी बीजेपी विधायकों से अपने अपने आपराधिक रिकॉर्ड जमा कराने को कहा है।

इनकी खतरे में पड़ सकती है विधायकी

-राजपुर सीट से विधायक और गृहमंत्री बाला बच्चन के खिलाफ क्रिमिनल केस।

-मंत्री हर्ष यादव, इमरती देवी, जीतू पटवारी, लखन घनघोरिया, लाखन सिंह यादव, स्पीकर एनपी प्रजापति, प्रदुम्न सिंह तोमर, तरुण भनोत, तुलसी सिलावट, पीसी शर्मा, ब्रजेंद्र सिंह राठौर के खिलाफ भी क्रिमिनल केस।

-भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के अलावा विधायक कुणाल चौधरी के खिलाफ भी क्रिमिनल केस।

कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा के खिलाफ भी क्रिमिनल केस है.

-पूर्व बीजेपी मंत्री गौरीशंकर बिसेन के खिलाफ भी क्रिमिनल केस है.

-बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ भी क्रिमिनल केस है.

– बीजेपी विधायक मोहन यादव, जालम सिंह पटेल, कमल पटेल, पारस जैन, राजेंद्र शुक्ल, रामेश्वर शर्मा, -संजय पाठक, सुरेंद्र पटवा समेत कई और विधायकों पर भी क्रिमिनल केस है।

-सबसे ज्यादा 26 क्रिमिनल केस बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा के खिलाफ हैं।

-खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के खिलाफ 20 और कानून मंत्री पी सीशर्मा के खिलाफ 14 क्रिमिनल केस हैं।